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कड़ाके की ठंड के साथ नए साल का आगाज, कश्मीर-हिमाचल में सर्दी का सितम जारी; यूपी-बिहार में चलेगी शीतलहर

नए साल पर ठंड जमकर लोगों को कंपकंपाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, झारखंड समेत यूपी, बिहार और हरियाणा में शीतलहर के साथ कोहरा पड़ेगा। वहीं, पंजाब और हिमाचल में तो बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। नए साल के एक दिन पहले धूप न के बराबर निकली पूरे दिन बादल ही छाए रहे। अगले दो दिन दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोल्ड वेव चलेगी। वहीं, कोहरा भी पड़ेगा।

बर्फबारी से होगा नए साल का स्वागत
नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी से हो रही है। जनवरी के पहले हफ्ते में पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ आने वाले हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट होगी। लगभग देश के तीन चौथाई भागों में सर्द हवाओं का विस्तार हो जाएगा। हिमाचल से जम्मू कश्मीर, जम्मू-कश्मीर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एवं बिहार-झारखंड तक गलन बढ़ेगी। जम्मू-कश्मीर में एक और दो जनवरी के बीच कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने के साथ मैदानी इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। इससे हाईवे से लेकर हवाई सेवाओं पर असर पड़ेगा।

नए साल पर ठंड जमकर लोगों को कंपकंपाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, झारखंड समेत यूपी, बिहार और हरियाणा में शीतलहर के साथ कोहरा पड़ेगा। वहीं, पंजाब और हिमाचल में तो बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। नए साल के एक दिन पहले धूप न के बराबर निकली पूरे दिन बादल ही छाए रहे। अगले दो दिन दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोल्ड वेव चलेगी। वहीं, कोहरा भी पड़ेगा।

बर्फबारी से होगा नए साल का स्वागत
नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी से हो रही है। जनवरी के पहले हफ्ते में पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ आने वाले हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट होगी। लगभग देश के तीन चौथाई भागों में सर्द हवाओं का विस्तार हो जाएगा। हिमाचल से जम्मू कश्मीर, जम्मू-कश्मीर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एवं बिहार-झारखंड तक गलन बढ़ेगी। जम्मू-कश्मीर में एक और दो जनवरी के बीच कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने के साथ मैदानी इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। इससे हाईवे से लेकर हवाई सेवाओं पर असर पड़ेगा।

मध्य प्रदेश में छाएगा कोहरा
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नए वर्ष की शुरुआत में कड़ाके की ठंड रहेगी। आज कोहरा पड़ेगा के आसार हैं। साथ ही मार्च तक गुलाबी ठंड बनी रह सकती है। भोपाल शहर के अलग-अलग स्थानों पर बने ताल-तलैयों के अलावा शहर में छोटी-बड़ी पहाड़ियों भी हैं। यही कारण है यहां हवा का सतत् प्रवाह बना रहता है। जिसके चलते मई-जून माह में दिन में भले ही कितनी भी तपिश हो, लेकिन शाम ढलते ही ठंडी हवा के झौंके सुकून देने लगते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पर्यावरण के प्रति लोगों की जागरुकता का असर संबंधित क्षेत्र के मौसम पर भी पड़ता है।

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