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साइबर क्राइम एसएचओ की गिरफ्तारी आम नागरिकों को न्याय दिलाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है – हरपाल चीमा

चंडीगढ़, 27 मई

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रत्यक्ष निगरानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के आदेश पर विजिलेंस ब्यूरो ने एक नाबालिग के जब्त फोन से जुड़े मामले में ₹1 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, फाजिल्का के एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा, “चाहे अधिकारी किसी भी स्तर का हो या मंत्री- विधायक हो, आईएएस/पीसीएस अधिकारी हो, भ्रष्टाचार में लिप्त सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब पंजाब में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ईमानदार और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

यह मामला तब सामने आया जब एक 17 वर्षीय लड़का दिलराज सिंह के पिता धरमिंदर सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, फाजिल्का द्वारा रिश्वत मांगने के सबूत के साथ मुख्यमंत्री से संपर्क किया। साइबर की शिकायत के बाद थाने ने नाबालिग का फोन भी जब्त कर लिया था। परिवार द्वारा मामले को सुलझाने के बार-बार प्रयासों के बावजूद, उन्हें मामला निपटाने के लिए रिश्वत देने पर मजबूर किया जा रहा था।

चीमा ने विजिलेंस ब्यूरो के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “यह मामला भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब की आप सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस मामले में की गई त्वरित कार्रवाई साबित करती है कि मान सरकार आम नागरिक के न्याय के लिए हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है।”

गिरफ्तार अधिकारियों में एसएचओ, एक रीडर और दो कांस्टेबल शामिल हैं। सभी हिरासत में हैं और कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेगी।

चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कई पहल शुरू की हैं। आप सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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