Amarnath Yatra को सुरक्षा कवच तैयार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 581 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी

केंद्र सरकार ने इस वर्ष होने वाली अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 581 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में करीब 42,000 सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे जो यात्रा मार्ग, श्रद्धालुओं, और कश्मीर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन 581 कंपनियों में से 424 कंपनियों को सीधे जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है, जबकि शेष कंपनियों- जिनमें से लगभग 80 पहले से ही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत वहां तैनात थीं, को अब यात्रा मार्ग और श्रीनगर समेत अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए फिर से तैनात किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने सभी बलों को आदेश दिया है कि वे जून के दूसरे सप्ताह तक अपनी तैनाती पूरी कर लें, ताकि तीन जुलाई से नौ अगस्त तक चलने वाली 38 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह चाक-चौबंद रहें। इस बार की सुरक्षा योजना 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन कंपनियों को पांच सीएपीएफ से चुना गया है, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी व सीआईएसएफ शामिल है। प्रत्येक कंपनी में 70 से 75 सुरक्षाकर्मी होते हैं। उधर, गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को जम्मू के प्रस्तावित दौरे के दौरान यात्रा सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इसी सप्ताह सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और बीएसएफ महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने भी कश्मीर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। 38 दिनों की यह यात्रा 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक जाती है, जहां प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग है। यात्रा दो मार्गों से होती है – अनंतनाग के पहलगाम से 48 किमी का पारंपरिक मार्ग और गांदरबल जिला के बालटाल से 14 किमी का छोटा लेकिन खड़ा मार्ग।
सीआरपीएफ 219 कंपनियां
बीएसएफ 143 कंपनियां
एसएसबी 97 कंपनियां
आईटीबीपी 62 कंपनियां
सीआईएसएफ 60 कंपनियां
हर कंपनी में 70 से 75 सुरक्षाकर्मी होते हैं।








