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भारत-अमरीका में मिनी ट्रेड डील फाइनल, कृषि सहित कई क्षेत्रों को मिलेगी राहत

 नई दिल्लीे

भारत और अमरीका के बीच एक अहम समझौता हुआ है। दोनों देशों ने व्यापार को लेकर एक सीमित समझौता किया है। एक बड़े सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। कई हफ्तों तक चली बातचीत के बाद यह समझौता हो पाया है। बातचीत के दौरान भारत अपनी मुख्य मांगों पर अड़ा रहा। अधिकारी ने कहा कि अगर अमरीका अडिय़ल रहता तो हम टैरिफ के असर को झेलने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि लेकिन वाशिंगटन ने बातचीत करने की इच्छा दिखाई, जिससे समझौता आगे बढ़ सका। अभी समझौते की पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में एक अच्छा कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इस समझौते में कुछ खास क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

भविष्य में यह एक बड़े व्यापार समझौते का रास्ता खोल सकता है। इस डील के तहत अमरीका की कुछ मांगें मानते हुए भारतीय बाजार को मक्का और कुछ अमरीकी फलों के लिए खोला जा सकता है, वहीं भारत ने दो अप्रैल, 2025 को लगाए गए 26 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को स्थायी रूप से हटाने की अपनी शर्त को प्रमुखता दी। यह टैरिफ पहले 90 दिनों के लिए निलंबित किया गया था, जिसकी समयसीमा बुधवार रात खत्म हो रही है। माना जा रहा है कि डील की आधिकारिक घोषणा अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की जा सकती है। भारत और अमरीका के बीच व्यापार को लेकर लंबे समय से बातचीत जारी थी। इस समझौते से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि भारत अपनी मांगों पर कायम रहा।

नुकसान झेलने के लिए तैयार था भारत

अधिकारी ने कहा कि अगर अमरीका नहीं मानता, तो भारत को नुकसान होता, लेकिन भारत इसके लिए तैयार था। उन्होंने कहा कि अगर अमरीका अडिय़ल रहता तो हम टैरिफ के असर को झेलने के लिए तैयार थे। अभी समझौते की पूरी जानकारी का इंतजार है, लेकिन माना जा रहा है कि इससे कुछ खास क्षेत्रों को फायदा होगा।

कूटनीतिक और आर्थिक जीत

यह डिवेलपमेंट भारत के लिए भी बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत है। कारण है कि यह उसे अमरीकी बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा। साथ ही उसके निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगा, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है। अब सभी की निगाहें विस्तृत घोषणा पर टिकी हैं ताकि यह पता चल सके कि किन खास क्षेत्रों को इस समझौते में शामिल किया गया है और इसके दीर्घकालिक निहितार्थ क्या होंगे।

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