
चंडीगढ़, 24 दिसंबर:
पंजाब सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेजों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और मेडिकल टेस्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 68.98 करोड़ रुपये के फंड तुरंत जारी करने के आदेश दिए।
आज मेडिकल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इन मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता थी, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के साथ-साथ मेडिकल टेस्ट की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय मशीनरी से लैस करना आवश्यक है, ताकि यह मरीजों को बेहतर तरीके से सेवाएं प्रदान कर सकें।
भगवंत सिंह मान ने मेडिकल शिक्षा विभाग को कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए तत्काल 68.98 करोड़ रुपये जारी किए जाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपये सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपये सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपये डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) और 4.51 करोड़ रुपये पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत जारी किए जाएँ। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें और अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को विश्वभर में मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे इलाज और मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि यहाँ विश्वस्तरीय डॉक्टर पैदा हुए हैं और आज भी प्रदेश में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रदेश सरकार का फर्ज है, ताकि मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को उच्च स्तर पर लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण का एकमात्र उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने से आम आदमी की भलाई सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक शेखर, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









