पंजाबराजनीति

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां मिलीं

चंडीगढ़, 3 जनवरी
पंजाब सरकार के ‘मिशन रोजगार’ के तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां टैगोर थिएटर में शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके साथ ही पंजाब में पहली बार चार वर्षों के भीतर युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।
इन उम्मीदवारों में 385 स्पेशल एजुकेटर शिक्षक, 157 प्राइमरी शिक्षक, 8 प्रिंसिपल और अनुकंपा आधार पर भर्ती किए गए 56 कर्मचारी शामिल हैं।
नव-नियुक्त उम्मीदवारों को नए साल की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी के लिए गर्व की बात है कि सभी नौकरियां पूरी तरह मेरिट और पारदर्शी तरीके से दी गई हैं और किसी भी नियुक्ति को कभी अदालत में चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि सरकार ने अप्रैल 2022 से भर्ती अभियान शुरू किया था और अब तक 61,281 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ऐसा समय था जब युवा सालों तक डाकिए का इंतजार करते थे, लेकिन अब वह दौर खत्म हो गया है। अब सरकार खुद युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित कर रही है।
भगवंत सिंह मान ने कहा,
“पिछली सरकारों ने योग्यता और काबिलियत की कद्र नहीं की, बल्कि अपने रिश्तेदारों और चहेतों को नौकरियां बांटीं। हमने चार वर्षों में पंजाब के हर गांव, शहर और कस्बे के युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी दी, ताकि साधारण परिवारों के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। मेरे लिए पूरा पंजाब ही मेरा परिवार है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों का अलग कैडर बनाया गया है, जिसके तहत आज 385 स्पेशल एजुकेटरों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इससे प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर विशेष जरूरतों वाले बच्चों को काफी लाभ मिलेगा। वर्तमान में पंजाब के सरकारी स्कूलों में लगभग 48,000 विशेष जरूरतों वाले बच्चे पढ़ रहे हैं।
स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक पूरे समर्पण के साथ इस नेक कार्य को निभाएंगे।
नव-नियुक्त शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य शिक्षकों के हाथों में होता है। शिक्षक ही बच्चों के मन को डॉक्टर, इंजीनियर और कलाकार बनने के लिए उसी तरह गढ़ता है, जैसे एक मूर्तिकार अपनी कृति को आकार देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षक विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में प्रशिक्षण लिया
249 मुख्य अध्यापकों ने आईआईएम अहमदाबाद में उन्नत कोचिंग प्राप्त की
216 प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण लिया
उन्होंने बताया कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें गरीब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही छात्रों को मुफ्त वर्दियां और विशेष रूप से लड़कियों के लिए मुफ्त स्कूल बस सेवा भी शुरू की गई है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि राज्य के हर स्कूल में शिक्षा क्रांति का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब का कोई भी सरकारी स्कूल ऐसा नहीं है, जहां बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते हों।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि
सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए बस सुविधा शुरू की गई है, जिससे 10,000 छात्राएं लाभान्वित हो रही हैं
पहली बार स्कूलों की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को सुरक्षा गार्ड के रूप में नियुक्त किया गया है
राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल नियुक्त किए जा चुके हैं
इस मौके पर नव-नियुक्त युवाओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। मलोट के नितिन ने बताया कि शिक्षक बनने का उसका सपना आज पूरा हुआ। गुरदासपुर की नवप्रीत कौर और फाजिल्का व पटियाला की नव-नियुक्त शिक्षिकाओं ने भी सरकार का आभार जताया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा, डायरेक्टर उच्च शिक्षा एच.एस. बराड़, डायरेक्टर सेकेंडरी शिक्षा गुरिंदर सिंह सोढ़ी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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