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पंजाब में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही 3100 खेल मैदान तैयार होंगे: हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़/लुधियाना, 06 जनवरी —
पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने आज लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 69वीं नेशनल स्कूल खेलों का औपचारिक शुभारंभ किया। 16 जनवरी तक चलने वाले इन खेलों में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और विद्या भारती स्कूलों सहित सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि इन खेलों के दौरान जूडो अंडर-14 (लड़के व लड़कियां), ताइक्वांडो अंडर-14 (लड़कियां) और गतका अंडर-19 (लड़के व लड़कियां) की रोमांचक प्रतियोगिताएं होंगी। उन्होंने बताया कि ये मुकाबले स्थानीय बी.सी.एम. आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पी.ए.यू., लुधियाना तथा ओपन एयर थिएटर पी.ए.यू., लुधियाना सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ-साथ लुधियाना शहर के लिए भी यह बड़े गर्व की बात है कि यहां 69वें नेशनल खेलों की मेजबानी का अवसर मिला है, जिसमें पूरे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश, नॉर्थ ईस्ट से 1000 से अधिक खिलाड़ी और 350 से अधिक कोच पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि भले ही ठंड पड़ रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, जिनमें खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा के लिए पी.सी.आर. टीमों की तैनाती, खेल मैदानों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना आदि शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके तहत विभिन्न गांवों और शहरों में 3100 खेल मैदानों के निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। आने वाले समय में पंजाब के हर गांव में खेल स्टेडियम होगा।
खेलों में राज्य को अग्रणी बनाने के उद्देश्य से उन्होंने आगे बताया कि खेल नर्सरियों में बड़े पैमाने पर बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी और अन्य विभिन्न खेलों के लिए कोचों की भर्ती की जा रही है तथा खिलाड़ियों की डाइट में भी वृद्धि की गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा एक खेल नीति बनाई गई है, जिसमें पहली बार यह प्रावधान किया गया है कि जब किसी खिलाड़ी का चयन एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए होता है, तो पंजाब सरकार चयनित खिलाड़ियों को एडवांस भुगतान करेगी, ताकि खिलाड़ी अपनी सुविधा के अनुसार तैयारी कर सकें। जबकि अन्य राज्यों में खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद ही प्राथमिकता दी जाती है। इस खेल नीति के लागू होने के बाद पंजाब में पदकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि पंजाब के लिए यह बहुत बड़ा गौरव है कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम पंजाबी कप्तानों के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। भारतीय हॉकी टीम में पंजाबियों की बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि हमारा पंजाब खेलों के क्षेत्र में अपनी पुरानी पहचान को फिर से हासिल करने की ओर बढ़ रहा है।
इस अवसर पर विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, डायरेक्टर सेकेंडरी शिक्षा गुरिंदर सिंह सोढ़ी, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुघ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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