
चंडीगढ़, 21 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन में आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान प्ले-वे स्कूलों के लिए एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू करने की घोषणा की।
मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब में चल रहे सभी प्ले-वे स्कूलों सहित छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले सभी निजी स्कूलों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह कदम बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।”
मंत्री ने बताया कि छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक समान पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइज़रों का प्रशिक्षण फरवरी के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। बच्चों पर किताबों का बोझ डालने के बजाय खेल-आधारित और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।”
छोटी उम्र के बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “एक बच्चे का लगभग 90 प्रतिशत मस्तिष्क विकास 0 से 6 वर्ष की आयु के दौरान होता है। इसलिए इस महत्वपूर्ण समय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित पोषण उपलब्ध कराना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि मिशन आरंभ के तहत माता-पिता को अपने बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। “डिजिटल सामग्री साझा कर बच्चों को घर में अपने माता-पिता के साथ रहते हुए सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक बच्चों के बौद्धिक विकास में माता-पिता की भागीदारी मजबूत करने के लिए इस मिशन के तहत 2,941 पेरेंट समूह बनाए जा चुके हैं। माता-पिता को उनके फोन पर रोज़ाना की गतिविधियों की जानकारी भी भेजी जा रही है, ताकि वे घर पर अपने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।”
बुनियादी ढांचे के विकास पर बोलते हुए मंत्री ने कहा, “1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाने के लक्ष्य के तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रति केंद्र लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 700 केंद्र पहले ही खुले, हवादार कमरों, रसोई, बच्चों के शौचालय, वॉल पेंटिंग्स और आधुनिक फर्नीचर से सुसज्जित किए जा चुके हैं। शेष 300 केंद्र भी शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे।”
अंत में मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने हेतु शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्रों में ऐतिहासिक कदम उठा रही है।”









