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निवेश के लिए मुख्यमंत्री मान के प्रयास रंग लाए, कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहायता के लिए आगे आया दक्षिण कोरिया

चंडीगढ़, 31 जनवरी:

 

पंजाब के छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि को एक व्यावहारिक और लाभकारी व्यवसाय के रूप में पुनः स्थापित करने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज चंडीगढ़ में दक्षिण कोरिया के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस बैठक में स्मार्ट खेती, उन्नत कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में सहयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

 

इस मुलाकात के दौरान पंजाब सरकार द्वारा घटते कृषि क्षेत्र और कृषि की घटती व्यवहारिकता के समाधान के लिए दक्षिण कोरिया की तकनीकी विशेषज्ञता को अपनाने पर चर्चा की गई। साथ ही 13 से 15 मार्च तक मोहाली में होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 से पहले गहरी औद्योगिक और निवेश साझेदारी को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

 

अपने एक्स अकाउंट पर बैठक के प्रमुख बिंदु साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज चंडीगढ़ में कोरिया गणराज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई, जिसमें स्मार्ट कृषि, उन्नत कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी पर व्यापक चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि को लाभकारी उद्यम बनाने के लिए पंजाब और दक्षिण कोरिया के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना है। इस दौरान कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की समृद्ध विरासत और कामकाज के अनुकूल वातावरण की भी सराहना की। इसके अलावा, कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में आयोजित होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया गया।

 

दक्षिण कोरिया से आए प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है और देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में इसने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हालांकि कृषि भूमि के घटते रकबे के कारण छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि अब एक अव्यावहारिक उद्यम बनती जा रही है। भूमि के टुकड़े-टुकड़े होने के कारण कृषि अब बड़ी संख्या में किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय नहीं रह गई है।

 

तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब, स्मॉल एग्रीकल्चर मशीनरी सेक्टर में दक्षिण कोरिया से निवेश आकर्षित करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि इस क्षेत्र में दक्षिण कोरिया के पास व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया में भूमि की कमी के कारण वहां वर्टिकल फार्मिंग और कुशल मशीनीकरण तेजी से उभरा है, जिससे वहां का अनुभव और तकनीकी दक्षता पंजाब के लिए अत्यंत उपयुक्त प्रतीत होती है।

 

दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक समानताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया दोनों ने लगभग एक ही समय में स्वतंत्रता प्राप्त की और गरीबी दोनों देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि पंजाब ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से अनाज अधिशेष राज्य बनकर इस चुनौती को पार किया और आज पंजाब केंद्रीय पूल में अनाज का सबसे बड़ा योगदान देने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है।

 

वैश्विक स्तर की श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने में पंजाब की रुचि को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया पहले ही कृषि व्यवसाय में अपनी ताकत और नवाचार का प्रदर्शन कर चुका है और अब पंजाब भी इन उन्नत तकनीकी उपलब्धियों से लाभ उठाने का इच्छुक है। पंग-यो टेक्नो वैली (जिसे अक्सर सिलिकॉन वैली कहा जाता है) की अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि मशीनरी के स्वचालन, स्मार्ट उपकरणों, बायोटेक्नोलॉजी और बीज तकनीक, स्मार्ट कंबाइन हार्वेस्टर, ट्रांसप्लांटर, बीज और सहायक क्षेत्रों जैसी तकनीकों को अपनाने में सहयोग के लिए उत्सुक है।

 

द्विपक्षीय सहयोग की जोरदार वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे जीवंत और तकनीकी रूप से उन्नत देश के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करना पंजाब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को 13 से 15 मार्च तक मोहाली में आयोजित होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन में भाग लेने के लिए औपचारिक निमंत्रण देते हुए कहा कि यह सम्मेलन हमारे सहयोग को संरचित और लाभकारी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान करेगा।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत दृष्टिकोण पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए दौरे पर आए दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के साथ सहयोग में गहरी रुचि दिखाई, जो निकट भविष्य में दोनों पक्षों के बीच ठोस साझेदारी की संभावनाओं का संकेत है।

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