पंजाबराजनीति

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रधानमंत्री से हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपील

लुधियाना, 1 फरवरी 2026:

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक को सच्ची श्रद्धांजलि होगा।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पंजाब निरंतर उस क्षण की ओर बढ़ रहा है, जब उसके चारों हवाई अड्डों के नाम राज्य के महान गुरुओं और शहीदों के नाम पर होंगे, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ेंगे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हवाई अड्डे के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू की उपस्थिति में यह मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,

“शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनकी महान कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध आवाज बुलंद करने के लिए प्रेरित किया और शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना इस महान शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंधित थे और विमानन में करियर बनाने के लिए बर्कले विश्वविद्यालय गए थे, लेकिन वापस लौटने के बजाय उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने का मार्ग चुना। उन्होंने कहा,

“पंजाब महान गुरुओं, पैगंबरों, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है। इस पवित्र मिट्टी के कण-कण से उनकी कुर्बानियों की खुशबू आती है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाता है, तो पंजाब के चार हवाई अड्डों में से दो के नाम सम्माननीय गुरुओं के नाम पर और दो के नाम शहीदों के नाम पर होंगे। उन्होंने कहा,

“श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर गुरुओं के नाम पर हैं, जबकि शहीद भगत सिंह हवाई अड्डा, मोहाली और शहीद करतार सिंह सराभा हवाई अड्डा, हलवारा हमारे शहीदों की स्मृति को समर्पित होंगे।”

 

गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भक्ति आंदोलन के महान गुरु के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा,

“श्री गुरु रविदास महाराज जी द्वारा समानतावादी समाज की रचना के लिए दिखाया गया मार्ग हमारी सरकार की जनता की सेवा करने की प्रतिबद्धता का मुख्य आधार है।”

उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर दो हवाई अड्डे जनता को समर्पित किए।

 

हलवारा हवाई अड्डे की रणनीतिक महत्ता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे ने वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अहम अभियानों के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है। उन्होंने हलवारा में टर्मिनल, जिसे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है, के विकास में योगदान देने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा,

“राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस हवाई अड्डे से संपर्क बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगी।”

 

पूर्व में किए गए प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 22 मार्च 2023 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, हलवारा, लुधियाना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा,

“गदर पार्टी के एक सक्रिय नेता के रूप में शहीद करतार सिंह सराभा ने पहले विदेशों में और फिर देश के भीतर भारत की स्वतंत्रता के लिए अथक परिश्रम किया। हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके अद्वितीय योगदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी।”

 

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,

“हमारे महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नामकरण हमारी सरकार की उस दूरदृष्टि का अभिन्न अंग है, जिसके माध्यम से हम महान शहीदों की विरासत को संजोना और युवाओं को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।”

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