
चंडीगढ़, 2 मार्च:
पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह ने आज श्री आनंदपुर साहिब में चल रहे होला मोहल्ला समारोहों के दौरान बड़ी संख्या में आने वाली संगत के लिए बनाई गई स्थायी टेंट सिटी सहित निर्बाध धार्मिक दर्शन सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार और पर्यावरण-अनुकूल पहलों को बढ़ावा देने हेतु किए गए व्यापक प्रबंधों की विस्तृत जानकारी साझा की।
आज यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि भारत की पहली स्थायी (परमानेंट) एयर-कंडीशंड टेंट सिटी और ‘ग्रीन होला मोहल्ला’ सहित कई अहम पहलों की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, “पिछले वर्ष अस्थायी ढांचे की सफलता और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निरीक्षण के बाद एक स्थायी टेंट सिटी बनाने का विचार सामने आया था और अब पवित्र नगरी में स्थायी टेंट सिटी स्थापित कर दी गई है।”
शिक्षा मंत्री ने कहा, “यह पंजाब के धार्मिक पर्यटन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। आज हम संगत को एक स्थायी, पूरी तरह एयर-कंडीशंड टेंट सिटी समर्पित कर रहे हैं। यह सुविधा देश में अपनी तरह की पहली है, जो वर्ष भर संगत को आरामदायक आवास प्रदान करेगी। इससे न केवल मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत संगत को सुविधा मिलेगी, बल्कि श्री आनंदपुर साहिब की पर्यटन संभावनाओं को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे यहां आने वाली संगत को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।”
पर्यावरण संरक्षण के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सरदार हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस वर्ष ‘ग्रीन होला मोहल्ला’ मनाया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर व्यापक प्रतिबंध लागू किया गया है, जबकि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी लंगर स्थलों पर बायोडिग्रेडेबल विकल्प उपलब्ध कराने का पूरा खर्च वहन किया जाएगा।
सरदार हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “लाखों की संख्या में संगत की सेवा के लिए बड़े स्तर पर लंगर लगाए जा रहे हैं, इसलिए हमने पर्यावरण संबंधी चिंताओं को प्राथमिकता दी है। उपयोग में लाई जाने वाली हर प्लेट, कप और बर्तन बायोडिग्रेडेबल और गैर-प्लास्टिक सामग्री से बने होंगे।”
दुनिया भर की सिख संगत को श्री आनंदपुर साहिब में गुरु घर के दर्शन के लिए आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शहीदी पर्व और फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा को पूरी श्रद्धा से मनाने के बाद अब राज्य सरकार द्वारा नए जोश के साथ होला मोहल्ला मनाया जा रहा है। उन्होंने संगत से परिवारों सहित होला मोहल्ला में शामिल होकर इस ऐतिहासिक उत्सव की आध्यात्मिक गरिमा का आनंद लेने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब को बड़े स्तर पर रोशनी से सजाया गया है, जो रात्रि के समय एक दिव्य अनुभव प्रदान करता है। पंज प्यारों के पार्क को पूरी तरह नया रूप दिया गया है, जो विरासत संरक्षण की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। भाई जैता जी संग्रहालय और अन्य स्थल अपनी समृद्ध ऐतिहासिक प्रदर्शनी से संगत को आकर्षित कर रहे हैं।
पंजाब के कोने-कोने से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर आने वाली संगत के प्रबंधन के लिए रूपनगर जिला प्रशासन ने 28 समर्पित पार्किंग ज़ोन और दो विशेष ‘ट्रॉली सिटी’ तथा ट्रॉली स्ट्रीट स्थापित की हैं। बाथरूम, सीसीटीवी निगरानी और सूचना देने वाली एलईडी स्क्रीन से सुसज्जित ये सुविधाएं विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से स्थापित की गई हैं। माझा और दोआबा क्षेत्र से आने वाली संगत को चरण गंगा के निकट ट्रॉली सिटी की ओर भेजा जाएगा, जबकि मालवा और चंडीगढ़ की ओर से आने वाली संगत को गांव झिंजड़ी में स्थित सुविधा में ठहराया जाएगा।
हरजोत सिंह बैंस ने आगे बताया कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब और किला आनंदगढ़ साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक संगत को पहुंचाने के लिए 100 ई-रिक्शा शटल सेवाएं चलाई जाएंगी, ताकि होला मोहल्ला के दौरान निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 2 और 3 मार्च को विरासत-ए-खालसा में सायंकाल आकाश में भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे होला मोहल्ला के उत्सव का रंग और भी गाढ़ा हो जाएगा।
स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधों के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि चरण गंगा स्टेडियम और तख्त श्री केसगढ़ साहिब में पूरी तरह सुसज्जित एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जबकि प्रत्येक पार्किंग स्थल और प्रमुख संगत स्थलों पर आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं। उन्होंने आगे कहा, “संगत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चरण गंगा स्टेडियम के पास मुख्य एकत्रीकरण मार्ग पर तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग व्यवस्था के साथ कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं और निहंग सिंहों को अपने पारंपरिक युद्ध प्रदर्शन के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराया गया है।”
मुख्य आयोजनों की वास्तविक समय की जानकारी और लाइव प्रसारण उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख स्थलों पर 20 बड़ी एलईडी स्क्रीन का नेटवर्क स्थापित किया गया है। यह पहल पार्किंग क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को विरासत खेलों और क्राफ्ट मेले सहित चल रहे कार्यक्रमों से जोड़े रखेगी। सरदार हरजोत सिंह बैंस ने इस ऐतिहासिक उत्सव की सफलता सुनिश्चित करने के लिए महीनों की तैयारी और कड़ी मेहनत के लिए अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।









