
चंडीगढ़, 2 मार्च:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ अभियान का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा होने पर पंजाब के लोगों को बधाई दी और इसे पंजाब को नशों के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान बताया। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए इस जन आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने पंजाब में नशों के खिलाफ लड़ाई की दिशा ही बदल दी है और नशा आपूर्ति के नेटवर्क को सख्ती से तोड़ा गया है।
एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों के विरुद्ध युद्ध अभियान पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रहा है। पिछली सरकारों के दौरान ड्रग कारोबार को संरक्षण मिला, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। इसके विपरीत, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डालकर नशा कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है।”
इस अभियान के दायरे और प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने कहा, “मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक के एक वर्ष में नशों के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई।”
अभियान के तहत की गई कार्रवाइयों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “नशा तस्करों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है और तस्करों से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा की दर लगभग 84 प्रतिशत है, जो लगातार बेहतर हो रही है और 2025 में यह लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह मजबूत केस तैयार करने और फॉरेंसिक सहायता का परिणाम है।”
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों और वर्तमान स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा, “पुराने नेताओं के विपरीत अब पंजाब सरकार नशा पीड़ितों की लाशों और चिताओं की कीमत पर तस्करों को फलते-फूलते देखने के लिए चुप नहीं बैठेगी। हमने नशा तस्करों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई सुनिश्चित की है।”
पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “पंजाब सरकार की यह लड़ाई राज्य की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए है और यह बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेगी।”









