
तरण तारन, 4 मार्च:
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से प्राप्त दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए “तंदुरुस्त नारी” के उद्देश्य से, जिला तरण तारन के सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय की अगुवाई एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वरिंदर पाल कौर की देखरेख में सरकारी अस्पताल में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एच.पी.वी.) वैक्सीन लगाने की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने बताया कि एच.पी.वी. वैक्सीन विशेष रूप से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी लड़कियों को जिले भर में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बिल्कुल निःशुल्क लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य बच्चियों को सर्वाइकल (गर्भाशय के मुख) कैंसर के साथ-साथ जननांगों से संबंधित रोगों से बचाना है।
उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एच.पी.वी. वैक्सीन भारत सहित कई देशों में पहले से ही लगाई जा रही है तथा यह टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित है। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हर सप्ताह आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्रों के दौरान एच.पी.वी. वैक्सीन लगाई जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिले की सभी पात्र बच्चियों को बिना किसी देरी के एच.पी.वी. टीका लगाया जाए और निर्धारित 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वरिंदर पाल कौर ने बताया कि एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक 14 वर्ष की लड़कियों को दी जा रही है और जिले में इसके लिए विशेष टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लाभार्थी बच्चियों को समय पर वैक्सीन लग सके।
उन्होंने कहा कि यदि एच.पी.वी. वैक्सीन समय पर लगा दी जाए, तो सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को रोका जा सकता है और कैंसर से होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई लड़की पहले से किसी बीमारी से पीड़ित है या लंबे समय से दवाइयां ले रही है, तो ऐसे मामलों में उस बच्ची को यह वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।
जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि एच.पी.वी. वैक्सीन हर सप्ताह बुधवार को आयोजित होने वाले ममता दिवस सत्रों के दौरान लगाई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि शहरों और गांवों के साथ-साथ उच्च जोखिम वाली आबादी—जैसे ईंट भट्टों, झुग्गियों और गुज्जरों के डेरों—में भी जाकर एच.पी.वी. वैक्सीन के बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि हर पात्र लाभार्थी इसका लाभ ले सके।
उन्होंने बताया कि इस वैक्सीन की एंट्री स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा यू-विन पोर्टल पर की जाएगी और कोल्ड चेन प्रबंधन से संबंधित सभी निर्देशों की भी सख्ती से पालना की जाएगी।
इस मौके पर सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरिंदर कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ विपुल, जिला मास मीडिया अधिकारी सुखवंत सिंह सिद्धू, डॉ. रणदीप सिंह, एल.एच.वी. जसबीर कौर, वी.सी.सी.एम. मनदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।









