
चंडीगढ़, 5 मार्च:
पंजाब सरकार के लोक निर्माण विभाग द्वारा पारदर्शी टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 1464 करोड़ रुपये की बचत की गई है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने दी।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से पहले की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और तर्कसंगत बनाने के कारण यह बचत संभव हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 30 जून 2026 तक राज्य की 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें 4700 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण करने के साथ-साथ पुरानी सड़कों के रखरखाव और चौड़ीकरण का कार्य भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस कार्य पर 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सी.एम. फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा लगातार जांच की जा रही है। इसके अलावा सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा के लिए रोजाना जिला और सर्कल स्तर पर समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं।
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बताया कि पंजाब राज्य में सड़क घनत्व 154 किलोमीटर प्रति 100 वर्ग किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र सरकार द्वारा पंजाब का आर.डी.एफ. का 8800 करोड़ रुपये लंबे समय से जारी नहीं किया गया है, फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सड़क मार्ग मुख्य आधार के रूप में कार्य करते हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों के कारण अब जो भी सड़क बनाई जाएगी, उसकी अगले पांच वर्षों तक रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। इससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और लोगों को टूटी-फूटी सड़कों से भी राहत मिलेगी।









