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सात नए मेडिकल कॉलेजों के साथ उन्नत स्वास्थ्य देखभाल ढांचे का साक्षी बनेगा पंजाब।

चंडीगढ़, 5 मार्च:

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुसार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए मिसाल कायम करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज पूरे राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की।

 

इस परियोजना के तहत दो सरकारी मेडिकल कॉलेज, जन-सार्वजनिक भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत दो कॉलेज तथा निजी और अल्पसंख्यक संगठनों द्वारा विकसित तीन कॉलेज शामिल होंगे।

 

डॉ. बलबीर सिंह ने यहाँ पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का निर्माण कार्य 20 मार्च 2026 को शुरू होगा। लगभग 24 महीनों में बनने वाला यह संस्थान मार्च 2028 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को ₹274.75 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत 300 बेड का अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा, जिसमें हर साल 100 एमबीबीएस सीटें होंगी।

 

इस अवसर पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, विशेष सचिव-कम-एमडी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन अमित तलवार और निदेशक अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. अवनीश कुमार भी उपस्थित थे।

 

मंत्री ने बताया कि पूर्व अनुमान की विस्तृत समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने परियोजना की अनुमानित लागत ₹550 करोड़ से घटाकर ₹274 करोड़ कर दी, जिससे लगभग ₹250 करोड़ के सार्वजनिक धन की बचत हुई है।

 

उन्होंने बताया कि होशियारपुर के अलावा कपूरथला में भी एक और सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण जल्द शुरू होगा। इसी प्रकार संगरूर और एसबीएस नगर में PPP मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिनकी टेंडर प्रक्रिया जारी है।

 

इसके अतिरिक्त लहरागागा में जैन समाज द्वारा मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने समझौता कर जमीन लीज पर दी है। वहीं मलेरकोटला में मुस्लिम समाज द्वारा बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के लिए डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी गई है। इसके अलावा लुधियाना के पास एक निजी मेडिकल कॉलेज भी बनाया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन सात नए मेडिकल कॉलेजों के बनने से राज्य में मेडिकल शिक्षा की क्षमता में बड़ा विस्तार होगा और स्थानीय विद्यार्थियों को मेडिकल पढ़ाई के लिए यूक्रेन, चीन या नेपाल जैसे देशों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल पंजाब में 13 मेडिकल कॉलेजों में 1900 एमबीबीएस सीटें हैं और इन नए कॉलेजों से लगभग 600 सीटें और बढ़ जाएंगी।

 

डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी घोषणा की कि पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं देने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के स्तर तक अपग्रेड किया जा रहा है।

 

उल्लेखनीय है कि होशियारपुर में बनने वाले इस संस्थान में पाँच मंजिला अस्पताल और तीन मंजिला मेडिकल कॉलेज भवन होगा, जिसमें आधुनिक प्रयोगशालाएँ, लाइब्रेरी और 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम होगा। इसके क्लीनिकल ढांचे में आईसीयू, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मनोचिकित्सा विभाग के साथ एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत जांच सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

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