
चंडीगढ़, 7 मार्च 2026
भगवंत सिंह मान ने आज सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए पंजाब के 30 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के आठवें बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पद्धतियों से अवगत कराना और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब बिजली (संशोधन) बिल-2025 का कड़ा विरोध करेगा। साथ ही उन्होंने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, कांग्रेस और अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का एक और बैच प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर रवाना हुआ है। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए यात्रा की सफलता की कामना की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के बच्चों को विश्व-स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसी उद्देश्य के तहत शिक्षकों और प्रिंसिपलों को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे आधुनिक शिक्षण विधियों को सीखकर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सकें।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 प्रिंसिपलों का यह आठवां बैच 8 से 14 मार्च तक सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। अब तक कुल 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारी आठ बैचों के माध्यम से सिंगापुर भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है और जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा चुने गए प्रिंसिपलों की पुष्टि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रिंसिपल विदेशों में प्रचलित आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के बारे में सीखते हैं और वापस आने के बाद उन्हें अपने स्कूलों में लागू करते हैं। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अनुभव मिलता है और राज्य की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा मिलती है।
उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की तैयारी, नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए योग्यता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में किसी व्यक्ति की संपन्नता उसकी संपत्ति से नहीं बल्कि उसके बच्चों की शिक्षा से आंकी जाएगी। इसलिए राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब के एक किसान की बेटी ने यूपीएससी परीक्षा में 15वां स्थान हासिल किया है।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मार्च को टाटा स्टील भारत में अपने दूसरे सबसे बड़े संयंत्र में काम शुरू करेगी। लगभग 3200 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह परियोजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
उन्होंने यह भी बताया कि मध्य पूर्व के देशों में चल रहे तनाव के कारण वहां फंसे पंजाब के 385 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 300 लोग संयुक्त अरब अमीरात में फंसे हुए हैं। राज्य सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है।
रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका के राष्ट्रपति के बयान पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत को “विश्व गुरु” बनाने की बात करते थे, उन्होंने देश को “विश्व चेला” बना दिया है क्योंकि अमेरिका अपनी शर्तें थोप रहा है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार बिजली (संशोधन) बिल-2025 का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र द्वारा राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप करने की कोशिश है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य के विषय हैं।
कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के भाषण के बहिष्कार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ नेता मीडिया का ध्यान खींचने के लिए राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। वहीं सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे जमीनी हकीकत से दूर हैं और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।









