
चंडीगढ़, 22 मार्च :
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि वैट बकाया के लिए एकमुश्त निपटान (ओ.टी.एस.) स्कीम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस योजना के तहत लगभग 298.39 करोड़ रुपये के बकाया से संबंधित 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि अब तक 111.16 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
वित्त मंत्री ने इसे पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इस राहत योजना की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद सरकार सख्त वसूली मोड में आ जाएगी और इसके लिए करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस योजना से अब तक 111.16 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है। लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ डिवीजनों से मिला शानदार सहयोग इस स्कीम के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
उन्होंने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि 31 मार्च से पहले इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाया का निपटारा करें। उन्होंने कहा कि यह एक सुनहरा अवसर है, जिसके बाद सरकार का रुख सख्त कानूनी कार्रवाई की ओर हो जाएगा और बिना किसी रियायत के वसूली की जाएगी।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 के बाद जिन मामलों में बकाया जमा नहीं होगा, उनमें कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए लगभग 8,000 संपत्तियों की पहचान पहले ही कर ली गई है।
इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पारदर्शी और व्यापार-हितैषी नीतियों में करदाताओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इस योजना का मकसद राहत देना, मुकदमेबाजी कम करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है।
उन्होंने आगे बताया कि यह स्कीम विशेष रूप से पुराने वैट बकायों पर ब्याज और जुर्माने में भारी छूट देकर व्यापारियों को नया वित्तीय आरंभ करने का अवसर प्रदान करती है।









