
चंडीगढ़, 23 मार्च:
पंजाब के शिक्षा मंत्री और श्री आनंदपुर साहिब से विधायक Harjot Singh Bains ने आज घोषणा की कि Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जल्द ही नंगल, तलवाड़ा और आसपास के कस्बों की अतिरिक्त (सरप्लस) जमीन के मालिकाना हक संबंधित दुकानदारों, निवासियों और अन्य कब्जाधारकों को देगी। उन्होंने कहा कि यह जमीन बी.बी.एम.बी. की नहीं, बल्कि पंजाब की है। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों परिवारों पर दशकों से लटक रही अनिश्चितता समाप्त हो जाएगी। जल संसाधन विभाग ने 800 एकड़ से अधिक ऐसी जमीन के संबंध में बी.बी.एम.बी. के साथ औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हमारे बुजुर्गों ने अपनी जमीनें भी दीं और अपने हाथों से काम भी किया ताकि एक नए आज़ाद भारत को पानी और बिजली मिल सके। उन्होंने इन शहरों के निर्माण में भी अहम योगदान दिया। इसके बावजूद पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से इस परियोजना को संचालित कर रही बी.बी.एम.बी. ने मालिकाना रवैया अपनाकर उन्हीं लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया, जिन्होंने इसे बनाया था।”
लोगों को दिए गए आश्वासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “चार महीने पहले मैं नंगल में प्रभावित परिवारों से मिला था और स्थायी समाधान का वादा किया था। आज वह वादा पूरा हो रहा है। जल संसाधन विभाग ने बी.बी.एम.बी. को औपचारिक नोटिस भेज दिए हैं, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि 800 एकड़ से अधिक सरप्लस जमीन पंजाब की संपत्ति है।”
कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के पास ऐसी संपत्तियों के लिए लीज नीति बनाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बांध परियोजनाओं के लिए लोगों से जमीन ली गई थी, और अब जब परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, तो अतिरिक्त जमीन उन लोगों को वापस दी जानी चाहिए जो पीढ़ियों से वहां रह रहे हैं।
नीतिगत ढांचे की रूपरेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संसाधन विभाग की निगरानी में मौजूदा कब्जाधारकों को मालिकाना हक देने के लिए एक व्यापक नीति तैयार कर रही है। सभी पात्र दुकानदारों, परिवारों और निवासियों को वैध स्वामित्व दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें केवल स्टाम्प ड्यूटी के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नंगल के लिए एक नए न्यायिक परिसर की पहचान कर ली गई है और इसे जल्द ही विकसित किया जाएगा।
स. बैंस ने कहा कि यह केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती का सुधार है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों के हक बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।









