
चंडीगढ़, 28 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत सरकार से पेट्रोल, डीजल और डी.ए.पी. खाद की बढ़ी हुई और निर्बाध आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कटाई के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकती है। किसी भी तरह की कमी न होने और लोगों से घबराने से बचने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कटाई और अनाज की ढुलाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र द्वारा समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है, क्योंकि पंजाब 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान के साथ देश की सहायता के लिए तैयार है।
यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष पंजाब में 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की संभावना है। फसल की सुचारू कटाई और ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति आवश्यक है। कटाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रॉलियां, हार्वेस्टर और ट्रक इस्तेमाल होंगे, इसलिए व्यापक जनहित में ईंधन की आपूर्ति बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा को हर हाल में बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
लोगों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस समय राज्य में 12 से 14 दिनों का पेट्रोल और डीजल तथा लगभग 6 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर पर है। आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। देश के 41 देशों के साथ आयात समझौते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल तथा 30 दिनों का एलपीजी स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी या घबराहट में खरीदारी की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मुख्य सचिव आपूर्ति की निगरानी कर रहे हैं और कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एलपीजी रीफिलिंग के लिए 71,000 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें से 69,000 की आपूर्ति की जा चुकी है। राज्य में किसी भी तरह की लॉकडाउन की संभावना नहीं है और सभी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। कुल 1,497 स्थानों पर जांच की गई, जिसमें 301 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कृषि और उद्योग दोनों को किसी प्रकार की बाधा न आए। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-3321001 जारी किया गया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में पंजाब की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति में पंजाब अपने गोदामों से 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं देने के लिए तैयार है और इस वर्ष 140 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद है। इसके अलावा 139 लाख मीट्रिक टन धान भी देश को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान कभी भी उठाया जा सकता है और पंजाब देश की सेवा की अपनी परंपरा को जारी रखेगा।
तेल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त टैक्स घटाने का निर्णय विश्वास बढ़ाने वाला है। साथ ही उन्होंने केंद्र से डी.ए.पी. खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की, क्योंकि पंजाब में धान की बुवाई 1 जून से शुरू होनी है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रीफिल की प्रतीक्षा अवधि को 45 दिनों से घटाकर शहरी क्षेत्रों के समान 25 दिन करने की भी मांग की।
प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और अपील की कि देश को किसी भी तरह की कमी से बचाने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सक्रिय उपयोग किया जाए।









