
चंडीगढ़, 1 अप्रैल
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही ‘रोजगार क्रांति’ पहल के तहत एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए 11 उम्मीदवारों को एग्जामिनर, लोकल फंड अकाउंट्स कार्यालय में जूनियर ऑडिटर के रूप में शामिल किया।
नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी और जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मैं सभी नव-नियुक्त युवाओं को दिल से बधाई देता हूं और उनसे अपील करता हूं कि वे अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियां पूरी लगन, पारदर्शिता और ईमानदारी से निभाएं। राज्य की सार्वजनिक संस्थाओं की वित्तीय स्थिति और जवाबदेही बनाए रखने में आपकी ईमानदारी बेहद महत्वपूर्ण है।”
भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) के माध्यम से सख्ती से मेरिट के आधार पर कराई गई है। उन्होंने कहा, “यह भर्ती अभियान पूरी तरह से मेरिट के आधार पर चलाया गया है। मुझे विश्वास है कि इस नई और योग्य प्रतिभा के शामिल होने से वित्त विभाग के एग्जामिनर, लोकल फंड अकाउंट्स विंग की कार्यक्षमता और समग्र उत्पादकता में काफी वृद्धि होगी।”
रोजगार सृजन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की गतिशील नेतृत्व में पंजाब सरकार ने अब तक 65,000 से अधिक युवाओं को सुरक्षित रोजगार प्रदान करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि राज्य के युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर देने के हमारे वादे की ऐतिहासिक पूर्ति है।”
रोजगार पर निरंतर ध्यान बनाए रखने पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा, “‘रोजगार क्रांति’ पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी विभागों में एक मजबूत, कुशल और युवा-नेतृत्व वाला प्रशासनिक ढांचा तैयार करने के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं का लगातार पालन किया जाए।”









