
चंडीगढ़, 13 अप्रैल:
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आज यहां बताया कि पंजाब सरकार राज्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानूनी ढांचे और न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाने हेतु एक नया बिल लेकर आ रही है।
विशेष सत्र की शुरुआत से पहले ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री अंब साहिब, मोहाली में माथा टेकने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पीकर ने बैसाखी के पवित्र अवसर की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना और पांच प्यारों की रचना से सिखों को एक विशिष्ट पहचान मिली, जो ‘सरबत दा भला’ के सिद्धांत पर आधारित है।
न्याय और रोकथाम के प्रति प्रतिबद्धता
बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए संधवां ने कहा कि पिछली घटनाओं ने सिख संगत के मन में गहरी पीड़ा पैदा की है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता है।”
यह प्रस्तावित बिल मौजूदा विशेष सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।
जांच की स्थिति
स्पीकर ने बहिबल कलां और बरगाड़ी मामलों के बारे में अपडेट देते हुए बताया कि लगभग सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है।
एक मामले को छोड़कर बाकी सभी मामलों में चालान अदालत में पेश कर दिए गए हैं और मामले अब न्यायालय में विचाराधीन हैं।
आलोचकों को जवाब
एसजीपीसी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में स्पीकर संधवां ने कहा कि पहले के समय में इन मुद्दों को सुलझाने के पर्याप्त मौके थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में न्याय नहीं दिया, उन्हें अब मौजूदा प्रयासों में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।
एकता की अपील
अंत में पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने उम्मीद जताई कि विधानसभा के सभी सदस्य पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस बिल को सर्वसम्मति से पास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून आपसी भाईचारे, शांति और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।









