
चंडीगढ़, 18 अप्रैल: पंजाब की शिक्षा प्रणाली में ए.आई. को शामिल करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा यहां सी.आई.आई. के नॉर्दर्न रीजन मुख्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर का दो दिवसीय सम्मेलन आज गूगल और इंटेल द्वारा व्यावहारिक कार्यशालाओं के आयोजन के साथ संपन्न हुआ।
इस सम्मेलन ने कक्षाओं में एआई को शामिल करने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने हेतु नीति निर्माताओं, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों को विचार-विमर्श का उपयुक्त मंच प्रदान किया, जिसका उद्देश्य सीखने की गुणवत्ता में सुधार, पहुंच बढ़ाना और विद्यार्थियों को केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि तकनीक के सृजनकर्ता के रूप में तैयार करना है।
पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) ने एआई के नैतिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसका उपयोग शिक्षार्थियों की रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को निखारने के लिए किया जा सकता है। आज के डिजिटल युग में, जहां एआई आधारित उपकरण हमारे स्थायी साथी बन चुके हैं, विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे ऐसे उपकरणों का चयन उसी समझदारी और परख से करें, जैसे हम अपने मित्रों का चयन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ तथा स्पष्ट कानूनी और नैतिक ढांचे के भीतर करने के लिए प्रेरित किया, ताकि मुख्य उद्देश्यों से समझौता किए बिना यह उनके लिए लाभकारी सिद्ध हो।
गूगल की अगुवाई वाले सत्र के दौरान शिक्षा में एआई की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जिसमें संवेदनशीलता और जागरूकता निर्माण पर जोर दिया गया। चर्चा के दौरान बताया गया कि शिक्षकों से लेकर प्रशासकों तक, शिक्षा प्रणाली के प्रमुख हितधारक पहले ही एआई आधारित तरीकों से जुड़ रहे हैं और उन्हें अपना रहे हैं, जो इस परिवर्तन के लिए हमारी मजबूत तैयारी को दर्शाता है।
सम्मेलन का एक प्रमुख हिस्सा “कार्यस्थल पर एआई का उपयोग” विषय पर इंटेल की व्यावहारिक कार्यशाला थी, जिसमें 112 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के दौरान सरकारी ढांचे के भीतर एआई उपकरण स्थापित करने पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें डेटा गोपनीयता, जिम्मेदार उपयोग तथा संगठन-विशेष या संवेदनशील जानकारी के अनजाने में साझा होने से बचाव के उपायों पर जोर दिया गया।
आईकेजी पीटीयू द्वारा “स्कूल नेताओं के लिए स्कूलों में एआई” विषय पर एक अन्य कार्यशाला आयोजित की गई, जो विशेष रूप से प्रिंसिपलों और स्कूल प्रमुखों को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। यह संस्थागत नेतृत्व और शैक्षणिक प्रबंधन में एआई उपकरणों के एकीकरण पर केंद्रित थी। साथ ही एआई समर्थित माहौल में शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखने के लिए एआई आधारित सामग्री की पहचान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
नीव एआई द्वारा आयोजित विद्यार्थी-केंद्रित कार्यशाला “एआई इन एजुकेशन” में एआई आधारित एप्लिकेशनों के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए। इस सत्र के दौरान विद्यार्थियों को उपयोग के व्यावहारिक उदाहरणों से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें एआई की प्रारंभिक और बुनियादी समझ विकसित की गई। साथ ही उन्हें उभरते उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
चेयरमैन ने बताया कि विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि एआई टूल कैसे विकसित किए जाते हैं, उनके पीछे कौन-कौन सी प्रक्रियाएं होती हैं और ऐसी तकनीकों को बनाने के लिए किन-किन कौशलों की आवश्यकता होती है। इस अनुभव ने विद्यार्थियों की समझ को और गहरा करने के साथ-साथ उन्हें एआई तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में पंजाब के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से भाग लिया और उनकी जिज्ञासा, अनुकूलन क्षमता तथा नई तकनीकों से जुड़ने की इच्छा ने आने वाले वर्षों में एआई आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को उजागर किया।
डॉ. अमरपाल सिंह ने दो दिवसीय सम्मेलन के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए एलिक्स इवेंट्स के प्रयासों की सराहना की।









