पंजाब

पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा एनसीएपी के तहत ‘मिशन क्लीन एयर मंडी गोबिंदगढ़’ की शुरुआत।

चंडीगढ़, 22 अप्रैल:

पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत “मिशन क्लीन एयर मंडी गोबिंदगढ़” संबंधी जिला प्रशासन के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। यह बैठक पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता और सदस्य सचिव डॉ. लवनीत कुमार दुबे की अगुवाई में हुई। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूजा सियाल सहित नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, पीएसआईईसी, वन विभाग तथा जल सप्लाई एवं सीवरेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंडी गोबिंदगढ़ को निर्धारित एंबिएंट एयर क्वालिटी मानकों को पूरा न करने के कारण ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ के रूप में दर्ज किया गया है और यह एनसीएपी के तहत विशेष ध्यान वाले शहरों में शामिल है। बैठक के दौरान पीपीसीबी द्वारा फील्ड सर्वे और स्रोत विश्लेषण अध्ययन के नतीजे प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक अवशेष और ठोस कचरे के अव्यवस्थित प्रबंधन को प्रदूषण के मुख्य स्रोत बताया गया।

इन निष्कर्षों के आधार पर पीपीसीबी ने विभिन्न विभागों के लिए समयबद्ध और प्रभावी सिफारिशें दीं, जिनमें सड़कों का सुधार, कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक जाम कम करना और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण शामिल हैं।

पीपीसीबी की चेयरपर्सन ने जोर देकर कहा कि यह पहल किसी पर दोष लगाने के लिए नहीं, बल्कि साझा प्रयासों से मिशन मोड में काम करके वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार लाने के लिए है। हालांकि इस पहल की अगुवाई पीपीसीबी कर रहा है, लेकिन इसकी सफलता के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों का सहयोग आवश्यक होगा।

यह निर्णय लिया गया कि अगले 12 महीनों के दौरान प्रगति की निगरानी तिमाही समीक्षा बैठकों के माध्यम से की जाएगी और क्षेत्रीय कार्यालय, फतेहगढ़ साहिब, जमीनी स्तर पर कार्रवाई, नियमित निरीक्षण तथा विभागीय समन्वय की अगुवाई करेगा।

बैठक के बाद तीन इंडक्शन फर्नेस उद्योगों का दौरा किया गया, जहां द्वितीयक उत्सर्जन कम करने के लिए आधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियां लगाई गई हैं, जिन्हें पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। पीपीसीबी ने अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी इन तकनीकों को अपनाने में सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे कणीय उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आएगी और मंडी गोबिंदगढ़ की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

“मिशन क्लीन एयर मंडी गोबिंदगढ़” पंजाब में स्थायी वायु गुणवत्ता सुधार के लिए एक केंद्रित, डेटा आधारित और सहयोगात्मक पहल का प्रतीक है।

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