
चंडीगढ़, 25 अप्रैल:– राज्य में फसली विविधता को बढ़ावा देने और नरमे के रकबे में बढ़ोतरी करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना द्वारा प्रमाणित बीटी कॉटन हाइब्रिड और देसी कपास के बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
इस संबंधी जानकारी साझा करते हुए पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 87 स्वीकृत बीटी कॉटन हाइब्रिड और देसी कपास की चार किस्मों – एल.डी.1019, एल.डी.949, एफ.डी.के.124 और पी.बी.डी.88 में से किसी भी किस्म का चयन करने वाले किसानों को बीज लागत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।
श्री खुड्डियां ने कहा कि राज्य के किसानों ने इस सब्सिडी मॉडल को अच्छा प्रतिसाद दिया है। पिछले साउणी सीजन में नरमे की खेती के रकबे में 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह रकबा साउणी 2024 के 1 लाख हेक्टेयर से बढ़कर साउणी 2025 में 1.19 लाख हेक्टेयर हो गया। उन्होंने कहा कि साउणी 2026 के लिए 1.25 लाख हेक्टेयर भूमि को नरमे की खेती के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है।
कपास को “सफेद सोना” बताते हुए कृषि मंत्री ने किसानों से अधिक पानी खर्च करने वाले धान की जगह दूसरी फसलें अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 20 अप्रैल से खोल दिया गया है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल पंजीकृत डीलरों से प्रमाणित बीज खरीदें और आवेदन जमा करते समय पक्के बिल अपलोड करें। सत्यापन के बाद 33 प्रतिशत सब्सिडी सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
यह पहल किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ अन्य लाभ भी प्रदान करेगी। इससे किसानों को वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित, उच्च उत्पादन वाली नरमे और कपास की किस्में अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि देसी कपास और पीएयू-स्वीकृत बीटी हाइब्रिड नरमे के बीजों पर सब्सिडी से पंजाब अपनी पारंपरिक कपास पट्टी को फिर से मजबूत कर सकेगा।
श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह सब्सिडी योजना, जिससे पिछले सीजन में नरमे के रकबे में बढ़ोतरी हुई थी, लागत कम करेगी और खासकर मालवा क्षेत्र की नरमा पट्टी में खेती का विस्तार करेगी। उन्होंने सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और हर पात्र किसान तक ऑनलाइन पोर्टल की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी किसान जानकारी या डिजिटल पहुंच की कमी के कारण योजना से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाकर पंजाब उत्पादकता और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी करेगा। साथ ही सभी कपास और नरमा उत्पादकों से जल्द आवेदन कर योजना का पूरा लाभ लेने की अपील की।









