
चंडीगढ़, 27 अप्रैल 2026: बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में तेज और अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए भगवंत मान सरकार ने पंजाब भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में बिजली की मांग मात्र दस दिनों में 7,900 मेगावाट से बढ़कर 12,000 मेगावाट से अधिक हो गई है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि राज्य में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन रोशन के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बिजली ढांचे को मजबूत किया गया है और गैर-योजनाबद्ध बिजली कटौती में लगभग 70 प्रतिशत कमी आई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने ग्रिड स्थिरता बनाए रखते हुए राज्य को गर्मियों की चरम मांग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने गर्मी के मौसम में बिजली मांग में अचानक बढ़ोतरी से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि पीएसपीसीएल पूरे राज्य में घरेलू, कृषि, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को राज्य में बिजली मांग लगभग 7,900 मेगावाट थी, जो 25 अप्रैल तक बढ़कर 12,000 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई। यह पिछले साल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है।
राष्ट्रीय स्तर की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को देश में 252 गीगावाट की रिकॉर्ड मांग दर्ज हुई, जबकि उपलब्ध आपूर्ति 239 गीगावाट थी, जिससे 13 गीगावाट की कमी रही। कई राज्यों में बिजली कटौती हो रही है, लेकिन पंजाब की स्थिति बेहतर है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए हैं कि बिजली कटौती के कारण लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग मिशन मोड में काम कर रहे हैं।
सरकार ने अतिरिक्त बिजली प्रबंध के लिए दूसरे राज्यों के साथ 1,500 से 2,000 मेगावाट बिजली बैंकिंग पर बातचीत की है। इसके अलावा निजी स्रोतों और अन्य राज्यों से 1,500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीद की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार के पावर पूल से भी 2,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि 2025 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हाइडल प्लांटों को बहाल किया जा रहा है, जिससे जल्द ही 300 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
संजीव अरोड़ा ने बताया कि दो महीनों के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक व्हीलिंग चार्ज और क्रॉस सब्सिडी में छूट दी जा रही है ताकि बिजली उपलब्धता बढ़ सके।
बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 70 नए सब-स्टेशन लगाए जा रहे हैं, 200 पुराने सब-स्टेशनों का अपग्रेडेशन किया जा रहा है, 8,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों को स्थापित या अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अलावा 41,000 नए डीटी लगाए गए हैं और 8,380 डीटी का उन्नयन किया गया है।
उन्होंने कहा कि गैर-योजनाबद्ध बिजली आउटेज में भी भारी कमी आई है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक यह संख्या 2025 में 13,271 से घटकर 2026 में 3,974 रह गई है।
अंत में संजीव अरोड़ा ने कहा कि पीएसपीसीएल बढ़ती मांग का सामना करने और पूरे पंजाब में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसंत गर्ग आईएएस, चेयरमैन पीएसपीसीएल, इंद्रपाल सिंह और शोइकत राय भी मौजूद रहे।









