
चंडीगढ़/पटियाला, 28 अप्रैल: पटियाला पुलिस ने केवल 12 घंटे के भीतर शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझा ली है। इसके साथ ही सीमा पार से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के संरक्षण में चल रहे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में युद्ध सामग्री और गोला-बारूद बरामद किया गया है तथा मॉड्यूल के 4 पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की गई है। यह खुलासा पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल और जिला पुलिस प्रमुख वरुण शर्मा ने पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया।
आज यहां पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए पटियाला के एसपी (स्थानीय) वैभव चौधरी की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया गया था। इसमें डीएसपी सुखअमृत सिंह रंधावा, सीआईए पटियाला के प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बाजवा, सीआईए समाना के प्रभारी इंस्पेक्टर अंकुरदीप सिंह, थाना कोतवाली पटियाला के प्रभारी इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह काहलो तथा स्पेशल सेल राजपुरा के प्रभारी एसआई मनप्रीत सिंह शामिल थे।
पुलिस टीमों ने पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी परदीप सिंह खालसा निवासी मानसा, कुलविंदर सिंह बग्गा निवासी मानसा, सतनाम सिंह सत्ता निवासी तरनतारन और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गोइंदवाल, तरनतारन को गिरफ्तार किया है।
डीआईजी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में युद्ध सामग्री बरामद की गई है, जिसे उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से हासिल किया था। इसमें एक बम, दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान, मलेशिया में बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस आतंकी मॉड्यूल का मुख्य सरगना परदीप सिंह खालसा है, जिसने खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर “चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए” नामक संगठन बनाया हुआ था। वह विदेश में मलेशिया स्थित खालिस्तानी कट्टरपंथी समूहों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के लगातार संपर्क में था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करना चाहते थे और राज्य में फिर से दहशत का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी हैंडलरों ने सीमा पार से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भेजे थे।
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और इनके खिलाफ पहले से विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
मामले में अहम खुलासे
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी परदीप सिंह खालसा और उसके साथियों से पूछताछ में सामने आया है कि 27 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:55 बजे इनके साथियों ने शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर बम विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचाया था। इस संबंध में जीआरपी पटियाला थाने में मुकदमा नंबर 11 दिनांक 28.04.2026 दर्ज किया गया था।
नई एफआईआर दर्ज
पटियाला पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यह गिरोह पंजाब के मुख्य रेलवे मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके कर राज्य में उग्रवाद की लहर फिर से शुरू करना चाहता है। इसके बाद थाना कोतवाली पटियाला में मुकदमा नंबर 76 दिनांक 28.04.2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 3,4,5, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और यूएपीए की धाराएं 13,16,18,20 के तहत मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि पुलिस टीमों ने परदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को बड़ी नदी बांध रोड के पास कूड़े के ढेर के निकट से गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किया।
उन्होंने कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। अदालत से पुलिस रिमांड लेकर इनके विदेशों में बैठे समर्थकों, संपर्क सूत्रों और विदेश से आए फंडिंग नेटवर्क की जांच की जाएगी।
एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि इस आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारी से पंजाब में संभावित बड़ी वारदातों को रोका गया है, जिनसे जान-माल का नुकसान हो सकता था।









