
चंडीगढ़/तरनतारन, 4 मई 2026: पंजाब के सीमावर्ती गांवों में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तरनतारन पुलिस ने पंजाब पुलिस की ‘गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की है। यह नेटवर्क राज्य में गैंगस्टरों को अपने अवैध कारोबार चलाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा था।
भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा शुरू की गई ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम के तहत जिला पुलिस ने पिछले तीन महीनों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत 490 मामले दर्ज किए, 630 लोगों को गिरफ्तार किया और 47.527 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तरनतारन सुरिंदर लांबा ने बताया कि सीमा पार से चुनौतियों के बावजूद राज्य पुलिस ने पाकिस्तान से लॉजिस्टिक समर्थन प्राप्त कर रहे गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “अब तक एक साल में 65 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है, जिसमें से अधिकांश पिछले तीन महीनों की कार्रवाई का परिणाम है। ये संपत्तियां सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों से जुड़ी थीं। पाकिस्तान के साथ लगभग 102 किलोमीटर लंबी सीमा होने के कारण पड़ोसी देश ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थ और हथियार भेजने में सक्रिय रहता है। हाल के समय में तस्करी के तरीके तेजी से बदले हैं, लेकिन जिला पुलिस ने ठोस रणनीति अपनाकर अपराध पर अंकुश लगाया है।”
वर्ष 2024 में 313 मामले दर्ज हुए, 358 गिरफ्तारियां हुईं और 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। जबकि पिछले वर्ष 1,334 मामले दर्ज किए गए, 1,662 गिरफ्तारियां हुईं और 244 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘ड्रोन–ड्रग्स–गन’ नेक्सस एक हाई-टेक ऑपरेशन मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ मुहिम के तहत पुलिस ने ऐसे नेटवर्क पर अपनी पकड़ मजबूत की है। ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई के जरिए गैंग अपने आर्थिक आधार को मजबूत करने और बड़े अपराधों को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को शामिल कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में लगातार ड्रग्स और हथियार गिराए जा रहे हैं, जिन्हें सीमावर्ती इलाकों से इकट्ठा कर विभिन्न शहरों में पहुंचाया जाता है। यह संगठित अपराध गिरोहों के लिए आय का बड़ा स्रोत बना हुआ है।
एसएसपी लांबा ने बताया, “छोटे ड्रोन 0.5 से 12 किलोग्राम तक वजन ले जा सकते हैं, जबकि बड़े ड्रोन एक उड़ान में 25 किलोग्राम तक माल ले जा सकते हैं। ये ड्रोन भारतीय क्षेत्र में 5 से 15 किलोमीटर तक प्रवेश कर सकते हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।” उन्होंने कहा कि दूसरी सुरक्षा पंक्ति होने के बावजूद पुलिस ने खुफिया आधारित कार्रवाई से ठोस नतीजे हासिल किए हैं।
जिला पुलिस ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियानों के तहत अब तक 1,736 मामले दर्ज किए हैं और 2,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में चलाए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान छह दिनों में 236 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10 भगोड़े अपराधी भी शामिल हैं। इस दौरान 3.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। अभियान में 50 टीमें तैनात की गईं, जिनमें प्रत्येक में 10 पुलिसकर्मी शामिल थे।
उन्होंने आगे बताया, “संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया गया है और 24 घंटे गश्त की जा रही है। बरामद ड्रोन में कैमरे, जीपीएस सिस्टम और पहले से फीड किए गए रूट मैप मिले हैं, जो तस्करों की तकनीकी क्षमता को दर्शाते हैं। हाल ही में 10 किलोग्राम हेरोइन की खेप भी बरामद की गई है। गैंगस्टर ड्रग्स और हथियारों से होने वाली आय से अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का इस्तेमाल फिरौती के लिए किया जाता है और फोन कॉल के जरिए धमकियां दी जाती हैं। भुगतान न होने की स्थिति में डर पैदा करने के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।”
‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत हालिया कार्रवाई में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो शूटरों के साथ फाइनेंसर, ऑपरेटर और 14 सहयोगी शामिल हैं। सोशल मीडिया खातों और बैंकिंग लेन-देन की निगरानी भी तेज कर दी गई है, जहां कई मामलों में अन्य लोगों के नाम पर खातों के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है।
एसएसपी लांबा ने पुष्टि की कि राज्य पुलिस अब गैंगस्टरों द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक का मुकाबला करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रही है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियानों ने इन नेटवर्क को निष्क्रिय करने और ड्रग तस्करी पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा ड्रोन, हथियार, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।








