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मामला शादी का खाना खाने के बाद बीमार हुए व्यक्तियों का।

चंडीगढ़/मूनक, 27 मई: पंजाब के कैबिनेट मंत्री Barinder Kumar Goyal ने आज सिविल अस्पताल मूनक पहुंचकर पिछले दिनों एक विवाह समारोह के दौरान खाना खाने के बाद बीमार हुए व्यक्तियों को दिए जा रहे इलाज का जायजा लिया। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी सेहत का हाल जाना और अधिकारियों को सभी प्रभावित व्यक्तियों के लिए लगातार मेडिकल सुविधाएं तथा त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों मूनक में एक विवाह समारोह के दौरान भोजन करने के बाद कई व्यक्तियों, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें मूनक के सिविल अस्पताल तथा कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

कैबिनेट मंत्री एडवोकेट बरिंदर कुमार गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन संगरूर, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को तुरंत अस्पताल पहुंचकर मरीजों के समुचित इलाज और हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेंगे।

स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज और सुविधाओं का जायजा लिया। मरीजों के उपचार में तेजी लाई गई और विभिन्न शहरों से डॉक्टरों की टीमों को बुलाकर हर तरह की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई गई। कुछ मरीजों को संगरूर भी रेफर किया गया।

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सिविल अस्पताल मूनक पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और अस्पताल प्रबंधन पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी भी हासिल की।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि शादी में खाना खाने के बाद करीब 72 व्यक्तियों को सरकारी और कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि कौहरियां, संगरूर, भवानीगढ़ और लहरागागा से डॉक्टरों की टीमें मरीजों का इलाज कर रही हैं।

पटियाला से भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम मूनक अस्पताल पहुंच रही है। सिविल सर्जन संगरूर स्वयं पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर हेल्थ से भी बातचीत की जा चुकी है ताकि मरीजों के इलाज में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन एंबुलेंस मौके पर तैयार रखी गई हैं। मरीजों ने भी अस्पताल में मिल रही मेडिकल सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने दूध और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ केंद्र सरकार से देशभर में सख्त कानून बनाने की मांग की, ताकि मिलावटखोरी के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेगी।

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