
चंडीगढ़, 27 मई: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने भाजपा के केंद्रीय रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब में नगर निगम चुनावों के दौरान उनकी कथित गुंडागर्दी और चुनाव नियमों के उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने भाजपा मंत्री और पार्टी नेताओं पर गुंडागर्दी के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पूरे राज्य ने मीडिया के माध्यम से देखा कि किस तरह आम आदमी पार्टी सरकार ने चुनावों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद भाजपा ने मतदान प्रक्रिया के दौरान एक बार फिर डराने-धमकाने, सत्ता के दुरुपयोग और गुंडागर्दी का सहारा लिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर चुनाव में गुंडागर्दी और हेराफेरी को एक पैटर्न बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इससे पहले पश्चिम बंगाल में भी व्यवस्था का दुरुपयोग कर वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की थी और पंजाब की स्थानीय निकाय चुनावों में भी ऐसा ही करने का प्रयास किया।
संगरूर और धूरी से सामने आई घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में बैठी पार्टी के नेताओं का सड़कों पर उतरकर इस तरह का व्यवहार करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब रवनीत सिंह बिट्टू और भाजपा नेताओं की इन गतिविधियों की निंदा करता है।
अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने चुनाव प्रचार समाप्त होने के बावजूद धूरी में मौजूद रहकर चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव नियमों के अनुसार प्रचार खत्म होने के बाद बाहरी लोगों को शहर में रहने की अनुमति नहीं होती, इसके बावजूद भाजपा नेता ओंकार सिंह वहां मौजूद रहे।
उन्होंने आगे कहा कि जब पंजाब पुलिस ने नियम लागू करने की कोशिश की और भाजपा नेता को क्षेत्र से बाहर भेजा, तब रवनीत सिंह बिट्टू स्वयं मौके पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने ऐसा व्यवहार किया मानो संविधान और कानून उनके राजनीतिक पद के अधीन हों।
मंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले को शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से सुलझाने की कोशिश के बावजूद भाजपा नेताओं ने वर्दीधारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की और उन्हें डराने का प्रयास किया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, विशेषकर एक महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी निंदा की।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब पुलिस ने राज्य को आतंकवाद के दौर से बचाने के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं। पुलिस बल का अपमान करना तथा धर्म या जाति के आधार पर अधिकारियों को निशाना बनाना शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
‘आप’ नेता ने पंजाब पुलिस की आलोचना को लेकर रवनीत सिंह बिट्टू के कथित दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान बिट्टू ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने भाई के लिए डीएसपी का पद हासिल करवाया था, जबकि योग्यता संबंधी मानकों में अनियमितताएं थीं।
पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी और पंजाब के लोग पुलिस बल तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी बड़ा पदाधिकारी क्यों न हो, कानून को कमजोर करने, पुलिस कर्मचारियों का अपमान करने या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।









