बिहारराज्य

JP यूनिवर्सिटी सारण में ABVP का अनशन खत्म, VC ने जूस पिलाकर समाप्त कराया आंदोलन

जयप्रकाश विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन गुरुवार (17 सितंबर)को दूसरे दिन समाप्त हो गया।

विश्वविद्यालय परिसर बंद होने के बावजूद कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई अनशन स्थल पर पहुंचे और अनशनरत कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों से सीधे वार्ता की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को उनके सामने रखा।

कुलपति ने छात्रों से की विस्तृत वार्ता

वार्ता में विद्यार्थियों ने सत्र 2023-27 के छात्रों के परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पाने, लंबित मार्कशीट, स्नातक व स्नातकोत्तर में शुल्क, कालेजों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लिए जाने तथा विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। छात्रों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फीस व परीक्षा से जुड़े मुद्दे उठे

विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में फीस कम करने तथा कॉलेज स्तर पर छात्रों से मनमाने शुल्क की वसूली पर रोक लगाने की मांग रखी।

JP University

जेपीवि में कुलपति को स्मार पत्र देते विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता।

इसके अलावा लंबित परीक्षा संबंधी कार्यों और मार्कशीट के शीघ्र वितरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

यथाशीघ्र समाधान का दिया आश्वासन

कुलपति ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों के निष्पादन की दिशा में शीघ्र पहल करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और लंबित समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। वार्ता के बाद कुलपति ने अनशनरत कार्यकर्ता रवि पांडेय और यशवंत कुमार को जूस पिलाकर अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कराया।

परिषद बोली-आश्वासन के बाद अब समाधान जरूरी

अभाविप ने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और विश्वविद्यालय की जवाबदेह व्यवस्था के लिए था।

परिषद ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन का सम्मान किया जाएगा, लेकिन छात्रों को अब ठोस समाधान की अपेक्षा है। समस्याओं का त्वरित निष्पादन ही वार्ता की वास्तविक सफलता होगी।

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