एफसीआरए संशोधन विधेयक पर दावे को लेकर सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद पर साधा पलटवार

राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले एम. मूर को पत्र लिखकर भारत के विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों की उनकी आलोचना का खंडन किया है।
कुमार की विस्तृत प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य मूर ने प्रस्तावित संशोधनों को ‘ईसाइयों के खिलाफ स्पष्ट हमला’ करार दिया था और चेतावनी दी थी कि यह विधेयक भारत-अमेरिका संबंधों में ‘बड़ी चिंता का बिंदु’ बन सकता है।
कुमार ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता के लिए मूर की ‘ईमानदारी से’ चिंता पर संदेह नहीं है, लेकिन तर्क दिया कि कांग्रेस नेता का हस्तक्षेप विधेयक की गलत समझ पर आधारित था।
कुमार ने कहा, ‘विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो सरकार को गिरजाघरों को अपने कब्जे में लेने की अनुमति देता हो.’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी इमारत से सिर्फ इसलिए कोई प्रावधान नहीं है क्योंकि वह पूजा स्थल है. उन्होंने कहा कि यह कानून विदेशी चंदे से बनाई गई संपत्ति से संबंधित है जब किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण समाप्त हो गया था।









