
राजगीर में बिहार की ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के अंचल कार्यालय पटना की ओर से शुक्रवार को राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एसएचजी आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को बैंक की क्रेडिट लिंकेज सुविधाओं की जानकारी देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना रहा।
क्रेडिट लिंकेज से बढ़ाएं अपनी आमदनी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक चंद्रा ने कहा कि बैंक का प्रयास है कि क्रेडिट लिंकेज के जरिए जीविका दीदियां केवल कच्चा माल खरीदने तक सीमित न रहें।
बल्कि वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और स्मार्ट मार्केटिंग पर भी काम करें, जिससे उनकी आय और मुनाफा कई गुना बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह अब बिहार के ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।
उनके अनुसार जीविका केवल एक संस्था या सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, एकजुटता और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ा अभियान है। पीएनबी ने जीविका के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
बैंक के आंकड़ों के मुताबिक पीएनबी ने कुल 85,321 स्वयं सहायता समूहों को बैंक से जोड़ा है, जबकि 72,547 समूहों को क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराया गया है।
तीन जीविका समूहों को 20-20 लाख की सहायता
इसी कार्यक्रम में चांदनी जीविका, विष्णु जीविका और दुर्गा स्वयं सहायता समूह को 20-20 लाख रुपये की स्वीकृति का चेक प्रदान किया गया। वहीं, लखपति दीदी योजना के तहत दो दीदियों को कुल 4 लाख रुपये का चेक दिया गया।
कार्यक्रम में बैंक सखी रानी कुमारी और रूपम कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा ने पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और बैंक की ओर से 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने की जानकारी दी।









