सावन में कढ़ी और बैंगन बनाने से क्यों रोकते हैं बड़े-बुजुर्ग? वजह है बेहद दिलचस्प

सावन का महीना आते ही घरों में कई तरह के खान-पान के नियम अपनाए जाते हैं। दादी-नानी अक्सर इस दौरान कढ़ी और बैंगन बनाने से मना करती हैं। नई पीढ़ी इसे अंधविश्वास मान लेती है, लेकिन इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ मौसम और सेहत से जुड़े कुछ कारण भी बताए जाते हैं।
सावन भगवान शिव को समर्पित महीना माना जाता है। इस दौरान लोग सात्विक भोजन करते हैं और तला-भुना या भारी भोजन खाने से बचते हैं। मान्यता है कि इस महीने भगवान शिव को कच्चा दूध और दही अर्पित किए जाते हैं, इसलिए दूध, दही और उनसे बने व्यंजन जैसे कढ़ी का सेवन नहीं करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार, सावन का समय बारिश का मौसम होता है। इस दौरान पाचन शक्ति सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर हो सकती है। बैंगन को कुछ लोगों के लिए गैस या एलर्जी बढ़ाने वाला माना जाता है, जबकि दही से बनने वाली कढ़ी कुछ लोगों को नमी वाले मौसम में भारी महसूस हो सकती है। हालांकि, यह सभी पर समान रूप से लागू नहीं होता।









