
अपने खिलाफ जाति आधारित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस नेता बरिंदर सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को रोपड़ जिले के चमकौर साहिब इलाके में गुरुद्वारा कटालगढ़ साहिब का दौरा किया। उन्होंने शपथ ली कि उन्होंने कांग्रेस के साथी नेता रणजीत सिंह तरखान माजरा के खिलाफ जातिवादी गाली का इस्तेमाल नहीं किया है।
ढिल्लों ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाने वालों को भी गुरुद्वारे जाना चाहिए और अपने दावों की सच्चाई साबित करने की शपथ लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए अभियान चला रहे हैं।
इससे कुछ दिन पहले ही दलित संगठनों ने 28 अक्टूबर को रोपड़ और चमकौर साहिब में विरोध प्रदर्शन किया था और चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में एक विवाद के दौरान तरखान माजरा के खिलाफ कथित तौर पर जाति आधारित टिप्पणी के इस्तेमाल को लेकर ढिल्लन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद से विवाद बढ़ गया है, आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा और ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रणजीत सिंह तरखान माजरा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के पूर्व सचिव और पंजाब कांग्रेस एससी सेल के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। वह फतेहगढ़ साहिब जिले के तरखान माजरा गांव के रहने वाले हैं और करीब तीन दशकों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
चंडीगढ़ पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 27 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 15 में कांग्रेस भवन में हुई, जब वह अपने बेटे राजनप्रीत सिंह के साथ पार्टी से संबंधित काम के लिए पार्टी मुख्यालय गए थे।
तरखान माजरा ने आरोप लगाया कि ढिल्लों और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने उनके खिलाफ जाति आधारित अपमानजनक टिप्पणी की। जब उसने आपत्ति जताई तो ढिल्लों ने कथित तौर पर उसे थप्पड़ मार दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।
चंडीगढ़ पुलिस ने 4 नवंबर को ढिल्लों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 126 (2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की थी।
यह विवाद कांग्रेस नेतृत्व तक भी पहुंचा था, जिसने पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष अवतार हेनरी के माध्यम से ढिल्लों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में ढिल्लों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
28 अक्टूबर को दलित संगठनों ने ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रोपड़ और चमकौर साहिब में प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शनों ने जिले में विवाद को राजनीतिक सुर्खियों में ला दिया।
इसके बाद आम आदमी पार्टी ने ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 4 नवंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।
रोपड़ जिले में इस विवाद ने राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है, खासकर इसलिए क्योंकि ढिल्लों को रोपड़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट का दावेदार माना जाता है।
ढिल्लों के कतालगढ़ साहिब जाने और शिकायतकर्ता को इसी तरह की शपथ लेने की चुनौती ने विवाद को एक और आयाम दे दिया है।








