बिहारराज्य

गंगा-यमुना को नाला बना रहे, मंगल-चंद्रमा पर खोज रहे नदियां; भोजपुर में पर्यावरणविद् ने जताई चिंता

चर्चित पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि ईश्वर की पूजा के साथ-साथ प्रकृति के उन रूपों की पूजा और संरक्षण भी जरूरी है, जिन्हें हम प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं।

जल, जंगल, जमीन और हवा के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ही प्रभु है और इस सत्य को स्वीकार करना होगा।

डाॅ. जोशी सोमवार को आरा स्थित रेडक्राॅस सभागार में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पृथ्वी ने कई बड़े बदलावों और विलय के दौर देखे हैं।

प्रकृत‍ि ने मानव जीवन के लिए समृद्ध की धरती

इसके बावजूद प्रकृति ने मानव जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों से धरती को समृद्ध किया है। लेकिन मनुष्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है, जिसका खामियाजा पर्यावरण को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां प्रदूषण के कारण नालों में तब्दील होती जा रही हैं। दूसरी ओर, हम मंगल और चंद्रमा पर नदियों की खोज कर रहे हैं।

सबसे पहले हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद दूसरी जगहों पर खोज और अनुसंधान जारी रखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि देश में कई छोटी-बड़ी नदियां सूख चुकी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। जल स्रोतों का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समय की जरूरत है।

सेमिनार में डाॅ. पीके द्विवेदी, डाॅ. नीरज सिंह और प्रो. नीरज सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व एमएलसी लाल दास राय ने की।

निकाली गई राष्‍ट्रीय साइक‍िल यात्रा

मंच संचालन नमामि गंगे के संयोजक अमित कुमार सिंह ने किया। दिशा एक प्रयास की सचिव डाॅ. कुमारी सुनीता सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डाॅ. प्रेम रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर एनएसएस की साक्षी तिवारी, रूपाली कुमारी, लवली कुमारी और हिमांशी कुमारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रो. बलिराज ठाकुर, राजू प्रसाद, डॉ. जितेन्द्र शुक्ला, एनके पांडेय, संजीव सिन्हा, संतोष श्रेयांश आदि मौजूद थे।

कार्यक्रम से पूर्व गायत्री होटल से डा. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में राष्ट्रीय साइकिल यात्रा निकाली गई। यात्रा दिशा एक प्रयास संस्था के कार्यालय पहुंची, जहां अतिथि साइकिल यात्रियों का स्वागत किया गया।

इसके बाद साइकिल यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए महाराजा कालेज पहुंची। यहां प्रतिभागियों ने आरा हाउस का अवलोकन किया और पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

आरा में आयोजन की प्रमुख डाॅ. कुमारी सुनीता सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय साइकिल यात्रा मंगलवार की सुबह पांच बजे बक्सर के लिए रवाना होगी।

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