
मुख्य घटना की देश भर में प्रसारित वीडियो से इतर भी हैवानियत की कोशिश से शायद दोनों छात्र-छात्रा का संघर्ष हुआ था! सड़क पर घटित घटना से पहले मड़वा पहाड़ पर ही कुछ लोगों द्वारा छेड़छाड़ और हैवानियत की कोशिश किए जाने व शादी करने का दबाव बनाए जाने की बात अब सामने आ रही है।
यह सब सूर्य की रोशनी में हो रहा था। इस टीम में आसपास के गांव के करीब आधा दर्जन युवक थे। कहा जाता है कि इसी दौरान उन युवकों में से एक ने नंदन को फोन लगाया। नंदन ने पकड़ कर रखने की हिदायत दी और साथ में हरे राम को लेकर घटनास्थल की ओर कूच किया। उसके बाद जो कुछ हुआ, वह तो पूरी दुनिया ने देख ही ली।
स्कूटी पर सवार होकर करीब 5:00 बजे उत्तर दिशा की ओर कूच किया
इन बातों को घटनाक्रम की टाइमलाइन, कई इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर कई अलग-अलग ग्रामीणों का बयान और परिस्थितियां भी बल दे रही है। यह दीगर बात है कि सदर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार मुख्य सड़क से इतर कोई घटना घटित होने की बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं लेकिन घटना अगर 7:30 बजे की है तो उससे पहले दोनों छात्र-छात्रा कहां थे, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
बताया जाता है कि जमुई शहर के केकेएम कालेज – झाझा बस स्टैंड चौराहा के करीब अवस्थित एक कोचिंग से निकलकर छात्र-छात्रा ने स्कूटी पर सवार होकर करीब 5:00 बजे उत्तर दिशा की ओर कूच किया था।
मड़वा पहाड़ पहुंचने के लिए 15 मिनट का समय पर्याप्त
उक्त स्थल से मड़वा पहाड़ पहुंचने के लिए 15 मिनट का समय पर्याप्त माना जाता है। लगभग आधे घंटे तक फोटो शूट और रील बनाया। सूर्यास्त हो चुका था, लेकिन अंधेरा कायम नहीं हुआ था। तभी दोनों पहाड़ से उतर रहे थे। इस बीच नजदीकी गांव के युवकों ने घेर लिया और फिर कोई शादी कराने का प्रयास कर रहा था तो कोई हैवानियत की कोशिश में लगा था।
जैसे- तैसे दोनों नीचे उतर कर स्कूटी लेकर पक्की सड़क पर पहुंचे। तब तक यहां नंदन और हरे राम सहित अन्य युवाओं की टोली ने दोनों को घेर लिया और जमुई पूरी दुनिया में शर्मसार हो गया।









