भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने महिला हॉकी पूर्व कप्तान के खिलाफ धन की कमी के आरोप में जांच शुरू नहीं की
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंथा लाकड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए गठित भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की स्वतंत्र जांच समिति ने अपने गठन के दो महीने बाद भी अपनी पहली बैठक नहीं की है क्योंकि हॉकी इंडिया कथित तौर पर कार्यवाही शुरू करने के लिए आवश्यक धन जारी करने में विफल रहा है।
आईओए ने हॉकी इंडिया के सचिव भोलानाथ सिंह के खिलाफ लाकड़ा द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की जांच के लिए 10 सितंबर को उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश दीपा शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था।
खेल मंत्रालय के निर्देश के बाद गठित पैनल में पूर्व ट्रैक एवं फील्ड एथलीट वंदना राव, महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान ममता खरब और वकील सितवत नबी सदस्य हैं।
हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य लाकड़ा ने सिंह पर झारखंड में स्थानीय कोच सुधीर गोला के हाथों लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न का विरोध करने के बाद उन्हें धमकी देने और परेशान करने का आरोप लगाया।
हॉकी इंडिया को समिति के मानदेय, यात्रा, आवास और आकस्मिक खर्चों से संबंधित सभी आवश्यक भुगतानों को संभालने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, अच्छी तरह से स्थापित सूत्रों ने कहा कि पैनल को अभी तक आवश्यक धन प्राप्त नहीं हुआ है।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने हॉकी इंडिया के कोषाध्यक्ष शेखर मनोहरन, महासचिव भोलानाथ सिंह और वित्त विभाग को आठ और 10 अक्टूबर को ईमेल लिखकर उन्हें तुरंत फंड जारी करने का निर्देश दिया था।
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने कहा कि समिति के अध्यक्ष ने पहले ही पेशेवर फीस और विविध खर्चों के लिए आवश्यक चालान जमा कर दिए हैं, जबकि कानूनी सहायक के लिए चालान भी जमा कर दिया गया है।
इसके बाद टिर्की ने 29 अक्टूबर को आईओए अध्यक्ष पीटी उषा, खेल सचिव और खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कोष जारी करने में हो रही देरी से अवगत कराया था।
लाकड़ा ने कार्यवाही शुरू करने में देरी पर निराशा व्यक्त करते हुए तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा, ‘मेरी शिकायत पर जिस तत्परता से जांच समिति का गठन किया गया, उससे मुझे न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन दो महीने बाद भी मुझे समिति के सामने अपना मामला रखने के लिए नहीं बुलाया गया है। जांच प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की जा रही है? लाकड़ा ने सवाल किया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने न्याय की उम्मीद में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, अनिश्चितकालीन इंतजार की नहीं। मुझे आश्वासन नहीं चाहिए, मैं निष्पक्ष जांच और न्याय चाहती हूं।
लाकड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और आईओए अध्यक्ष पीटी उषा से भी अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि जांच बिना किसी देरी के शुरू हो।
उन्होंने कहा, ‘मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री मनसुख मांडविया जी और आईओए अध्यक्ष पीटी उषा जी से अनुरोध करती हूं कि वे यह सुनिश्चित करें कि जांच प्रक्रिया उसी गंभीरता और सटीकता के साथ शुरू की जाए जो मेरी शिकायत का संज्ञान लेने और जांच समिति गठित करने में दिखाई गई थी।
पूर्व कप्तान ने कहा, ‘मुझे केवल तीन उम्मीदें हैं- समिति की बैठक होगी, मुझे सुनवाई दी जाएगी और निष्पक्ष जांच के बाद न्याय मिलेगा।






