
शहर से निकलने वाले सूखे कचरे के बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है।
रौतिनिया डंपिंग साइट पर सालों से जमा सवा लाख टन पुराने कचरे के निपटान के साथ ही अब यहाँ नया सेंटर बनेगा। यहां सूखे कचरे के संग्रहण, छंटाई और प्रसंस्करण के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित किया जाएगा।
करोड़ों की योजना
नगर निगम ने निविदा प्रक्रिया के माध्यम से हर्ष इंजीकान प्राइवेट लिमिटेड को 50 टीपीडी क्षमता का एमआरएफ सेंटर स्थापित करने का कार्यादेश दिया है।
यह कार्यादेश 22 जुलाई को ही जारी कर दिया गया था। इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना पर 9.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कचरा प्रबंधन की पहल
शहर के कचरा प्रबंधन को नई दिशा देने के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। नगर निगम प्रशासन ने संबंधित एजेंसी को कार्यस्थल पर निर्माण सामग्री व उपकरणों के सुरक्षित भंडारण तथा कचरा उठाव के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी स्पष्ट निर्देश जारी किया है।
छह महीने में काम
इस परियोजना को पूरा करने की समय सीमा कार्यादेश जारी होने की तारीख से छह माह निर्धारित की गई है। इस एमआरएफ सेंटर के निर्माण से शहर में सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रसंस्करण की व्यवस्था काफी हद तक मजबूत होने की उम्मीद है।
ईंधन का होगा निर्माण
एमआरएफ सेंटर के माध्यम से सूखे कचरे की छंटाई करके उससे रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) तैयार किया जाएगा। इस आरडीएफ का इस्तेमाल सीमेंट उद्योगों के साथ-साथ बिजली उत्पादन में ईंधन के रूप में किया जाता है। इसके अतिरिक्त कचरे से निकलने वाले उपयोगी धातु आदि को बेचकर राजस्व भी जुटाया जाएगा।









