लोकसभा जांच समिति ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ ‘आरोप’ साबित पाया

अपने आधिकारिक आवास से कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के मामले में कार्यवाही का सामना कर रहे न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को तीन सदस्यीय लोकसभा जांच समिति ने तीनों आरोपों में दोषी पाया है।
समिति ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि ‘अनुच्छेद 1 साबित हो गया है’, ‘अनुच्छेद दो साबित हो गया है’ और ‘अनुच्छेद 3 साबित हो गया है’, जिससे पिछले साल न्यायाधीश के आवास पर कथित तौर पर जले हुए नोट मिलने के बाद पैदा हुए विवाद पर अपने निष्कर्षों में कोई अस्पष्टता नहीं रह गई।
पहले आरोप पर समिति ने कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा के 30, तुगलक क्रिसेंट, नई दिल्ली स्थित आधिकारिक आवासीय परिसर में स्थित स्टोर रूम में 500 रुपये के पर्याप्त अस्पष्टीकृत नोट पाए गए।इसमें कहा गया है कि न्यायाधीश इसकी उपस्थिति, स्रोत या स्वामित्व के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे।








