सामाजिक न्याय की दिशा में मान सरकार का निर्णय ऐतिहासिक और उल्लेखनीय वर्ष — मंत्री डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 25 दिसंबर:
मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के लिए वर्ष 2025 सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारिता को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक वर्ष रहा। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने ऐसे ठोस और लोक-पक्षी कदम उठाए, जिनसे सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया को नई दिशा मिली।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के दौरान पंजाब सरकार की सोच स्पष्ट रही कि सामाजिक न्याय कोई कागज़ी एजेंडा नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाए कि कोई भी बच्चा, युवा या परिवार गरीबी, जाति या सामाजिक पिछड़ेपन के कारण अवसरों से वंचित न रहे।
-
أفضل كازينو اون لاين في تونس 2026
June 8, 2026 -
Les Bienfaits de Peg Mgf 2 pour les Athlètes
June 8, 2026
वर्ष 2025 में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत उपकरण बनी। एस.सी. वर्ग के 2.62 लाख से अधिक छात्रों द्वारा आवेदन करना इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं पर विश्वास बढ़ा है। 245 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ शिक्षा को गरीबी के बंधनों से मुक्त करने का प्रयास किया गया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वर्ष 2025 में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर इंस्टीट्यूट का नवीनीकरण एक प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक कदम रहा। लगभग 30 वर्षों बाद 147.49 लाख रुपये की लागत से पहली बार बड़े पैमाने पर मेजर मरम्मत और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया और नए कामों के लिए 91 लाख रुपये मंजूर किए गए, जिससे इंस्टीट्यूट सिर्फ़ इमारत नहीं, बल्कि अवसरों का केंद्र बन गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 ने अनुसूचित जातियों के छात्रों के लिए स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को नया मार्ग दिया। अम्बेडकर इंस्टीट्यूट में नए कोर्सों की शुरुआत से युवाओं को नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले बनाने की दिशा तय हुई।
उन्होंने कहा कि पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में पिछड़े वर्गों के लड़कों और लड़कियों के लिए दो होस्टलों की मंजूरी से सरकार ने यह संदेश दिया कि शिक्षा सिर्फ़ क्लासरूम तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित आवास भी उतना ही जरूरी है।
वर्ष 2025 के दौरान आशीर्वाद योजना हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण बनी। 38,000 से अधिक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाकर सरकार ने स्पष्ट किया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की शक्ति हैं।
राज्य के विकास बजट में से 13,987 करोड़ रुपये अनुसूचित जातियों की भलाई के लिए आरक्षित रखना वर्ष 2025 की सबसे बड़ी नीतिगत उपलब्धि रही। यह राशि सामाजिक और आर्थिक विकास को वास्तविकता बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के दौरान अंतरजातीय विवाहों के लिए वित्तीय सहायता देकर पंजाब सरकार ने समाज को स्पष्ट संदेश दिया कि भेदभाव की कोई जगह नहीं। यह कदम कानून से बढ़कर सामाजिक सोच में बदलाव का प्रतीक है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वर्ष 2025 ने यह साबित किया कि पंजाब सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। यह वर्ष सिर्फ़ उपलब्धियों का नहीं, बल्कि एक नई सामाजिक दिशा की नींव रखने वाला वर्ष बना।