खेलो इंडिया को 2030-31 तक 29,054 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिला

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने 29,054 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ 2026-27 से 2030-31 के लिए संशोधित खेलो इंडिया योजना को अधिसूचित किया है।सोमवार को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, केंद्र 28,489 करोड़ रुपये का योगदान देगा और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा 565 करोड़ रुपये होगा।
संशोधित योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर की भागीदारी और प्रतिभा की पहचान से लेकर अभिजात स्तर के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा तक एक संरचित मार्ग बनाना है। इसका घोषित दृष्टिकोण “भारत के खेल परिदृश्य को बदलना” है, जिसमें खेलो भारत नीति-2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के साथ ढांचा तैयार किया गया है।
इस योजना के नौ घटक हैं, जिसमें खेलो इंडिया प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए 10,586 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा आवंटन निर्धारित किया गया है। यह घटक ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्रों, राज्य प्रशिक्षण केंद्रों, खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्रों और जमीनी स्तर की सुविधाओं को एकीकृत करेगा। यह एथलीटों को खेल विज्ञान, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, खेल चिकित्सा और प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी तक पहुंच भी प्रदान करेगा।
स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रैटेजी के लिए 4,866 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 4,963 करोड़ रुपये रणनीतिक खेल परिसंपत्तियों को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण और उच्च प्रदर्शन केंद्रों का निर्माण शामिल है।









