अपराध

‘तमिलनाडु का एपस्टीन’, नाबालिग लड़कियों को बनाता था शिकार, वीरमणि के वीडियो क्लिप्स मिले

चेन्नई: नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार ग्रेनाइट व्यवसायी और जेम ग्रेनाइट्स के प्रमुख वीरमणि के मामले में चेन्नई पुलिस ने अपनी जांच को और तेज करते हुए उनके लंबे समय से सहयोगी रहे गणेशन को नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण से जुड़े POCSO मामले में गिरफ़्तार किया है। गणेशन इस मामले में गिरफ्तार होने वाले चौथे आरोपी हैं। पुलिस ने बताया कि उन्होंने वीरमणि की जेम ग्रेनाइट्स के साथ 23 साल तक काम किया था और अभी वे बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज में काम कर रहे हैं।

गणेशन के मोबाइल में मिले वीडियो क्लिप्स

मामले की जांच कर रही सेंट्रल क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, गणेशन के मोबाइल फ़ोन में कुछ वीडियो क्लिप्स थीं, जिनमें कथित तौर पर वीरमणि को एक नाबालिग लड़की के साथ अश्लील हरकत करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने बताया कि उसने इन वीडियो के बारे में अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी थी। CCB अब इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन् के पास ये क्लिप्स कैसे आए और उसने पुलिस को बताए बिना इन्हें अपने पास क्यों रखा। जांच करने वाले उसके मोबाइल फ़ोन की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई डेटा डिलीट किया गया था।

नाबालिग लड़की के साथ मिले वीडियो
नाबालिग लड़कियों के कथित रेप के मामले में एंटी-वाइस स्क्वाड (AVS) द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद, 29 अगस्त को वीरमणि और उसके दो कथित साथियों को गिरफ़्तार किया गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों को पुझल सेंट्रल जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक USB ड्राइव मिली, जिसमें एक वीडियो क्लिप थी। इस क्लिप में वीरमणी कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करते हुए दिख रहा था। जांचकर्ताओं ने पीड़िता की पहचान की और यह पुष्टि की कि 2019 में जब यह कथित अपराध हुआ था, तब वह नाबालिग थी।

पूछताछ में पीड़िता ने किए चौंकाने वाले खुलासे

इस केस को बंद कर दिया गया था लेकिन कोर्ट के निर्देश पर जांच फिर से शुरू हुई और पुलिस ने पीड़िता को खोज निकाला और उसका बयान दर्ज कर लिया गया, पीड़िता से पूछताछ के दौरान चौंका देने वाली जानकारी सामने आई कि वो सिर्फ अकेली वीरमणि का शिकार नहीं थी बल्कि ऐसी कम से कम 10 लड़कियां और भी हैं। अब इस मामले में चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने असिस्टेंट कमिश्नर यास्मीन और एंटी-वाइस स्क्वाड के इंस्पेक्टर महेश कुमार और राजलक्ष्मी को समन जारी किया है। इन अधिकारियों ने पहले इस मामले की जांच की थी और इसे बंद कर दिया था।

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