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दुष्यंत चौटाला ने 2029 में जेजेपी की शानदार जीत की भविष्यवाणी की

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को दावा किया कि 2029 के विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) द्वारा मैदान में उतारा गया कोई भी उम्मीदवार ‘एकतरफा जीत’ दर्ज करेगा।

पृथला विधानसभा क्षेत्र में एक बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चौटाला ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि जेजेपी अगले विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

चौटाला ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में वह सत्ता में रही है, वहां भाजपा ने लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति की है।

उन्होंने कहा कि जजपा के संगठन के खिलाफ बड़े पैमाने पर बदनामी अभियान चलाया गया है और इसके कार्यकर्ताओं ने अब इसका मुकाबला करने का बीड़ा उठा लिया है। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

जजपा नेता ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ काम करके अपने संगठन को मजबूत करेगी और 2029 के चुनावों की तैयारी करेगी।

मार्च 2024 में गठबंधन समाप्त होने तक जेजेपी हरियाणा में भाजपा की सहयोगी थी। चौटाला भाजपा-जजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। जेजेपी 2024 के बाद में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही।

मेडिकल कॉलेज विस्तार पर सवाल

चौटाला ने नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने पर राज्य सरकार के फोकस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि डॉक्टरों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने दावा किया कि हरियाणा के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में लगभग दो-तिहाई पद खाली हैं और केवल मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करने से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए पर्याप्त डॉक्टर और सहायक कर्मचारी होने चाहिए।

छात्र संघ चुनाव की मांग

पूर्व डिप्टी सीएम ने हरियाणा के विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों की लगातार अनुपस्थिति की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि कोविड काल के बाद से इस तरह के चुनाव दोबारा नहीं हुए हैं और उन्होंने हरियाणा और अन्य विश्वविद्यालयों में उनकी बहाली की मांग की।

हाल ही में हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र चुनावों का जिक्र करते हुए चौटाला ने कहा कि छात्रों का प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है और विश्वविद्यालयों में चुनाव कराए जाने चाहिए।

चुनाव आयोग से सवाल

चौटाला ने भारत के चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाया।

महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से जुड़े विवादों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से संबंधित मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के फैसलों में राजनीतिक प्रभाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ऐसे कदम उठा रहा है जो भाजपा के हितों को पूरा करते हैं।

चुनाव आयोग के संबंध में आरोप चौटाला ने कार्यकर्ताओं की बैठक में लगाए थे और उनकी टिप्पणियों में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुए थे।

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