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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच हरियाणा एचईआरसी के आदेश में हस्तक्षेप करने के लिए धारा 108 लागू करेगा

बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल के बीच, हरियाणा सरकार ने बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 को लागू करने का फैसला किया है, जो हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के हालिया आदेशों में हस्तक्षेप का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जिसमें निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का समानांतर वितरण लाइसेंस दिया गया है।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को इस कदम की घोषणा की क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं को बिजली सेवाओं में व्यवधान के कारण काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में लोगों ने लंबे समय तक बिजली गुल रहने के विरोध में सड़क जाम भी की, जिससे कई घंटों तक आपूर्ति बाधित रही।

बिजली कर्मचारी आयोग के आदेश का विरोध कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि इससे राज्य की सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली वितरण प्रणाली को खतरा है और इससे किसानों, आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बिजली सेवाओं पर संभावित प्रभाव और उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा पर भी चिंता जताई है।

सूत्रों ने कहा कि धारा 108 राज्य सरकार को जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों पर एचईआरसी को लिखित निर्देश जारी करने का अधिकार देती है। हालांकि, यह प्रावधान स्वचालित रूप से सरकार को आयोग के आदेश पर रोक लगाने या पलटने का अधिकार नहीं देता है। उम्मीद है कि इस कदम से प्रदर्शनकारी कर्मचारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर किया जा सकता है और चल रहे गतिरोध को हल करने में मदद मिल सकती है।

इस बीच, हरियाणा सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए दोपहर 3 बजे बिजली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक निर्धारित की है।

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि अगर कर्मचारी बातचीत के लिए निमंत्रण मिलता है तो वे राज्य सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

दुबे ने कहा, ‘कर्मचारी एचईआरसी के आदेश का विरोध कर रहे हैं, लेकिन हम बातचीत के लिए तैयार हैं और अगर राज्य सरकार हमसे बातचीत के लिए संपर्क करती है तो हम बातचीत की मेज पर लौटने के लिए तैयार हैं.’

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