रायबरेली में PDA रथ निकाल अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ कांग्रेस को भी दिखाई ताकत! सपा चीफ के दांव से गरमाई सियासत

यूपी Tak के खास शो ‘आज का यूपी’ में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का गहन विश्लेषण करते हैं. आज की पहली और सबसे बड़ी खबर रायबरेली से है जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने नए ‘पीडीए रथ’ के जरिए जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया और ‘लोधी बनाम योगी’ का नया सियासी दांव चलकर 2027 की लड़ाई की लकीर खींच दी है. दूसरी बड़ी खबर रायबरेली के बछरावां और हरचंदपुर में सपा विधायकों और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के बीच हुई तीखी झड़प, कॉलेज में हुए विवाद और उसके बाद उभरे राजनीतिक घमासान से जुड़ी है. वहीं तीसरी प्रमुख खबर अखिलेश यादव द्वारा चलाए जा रहे ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ व ‘नीला-लाल’ कॉम्बिनेशन और बारिश के बीच उमड़े जनसैलाब के सहारे कांग्रेस व बीजेपी दोनों को अपनी ताकत दिखाने की नई रणनीति पर केंद्रित है. आइए इन तीनों खबरों को विस्तार से समझते हैं.
अखिलेश का ‘PDA रथ’ और ‘लोधी बनाम योगी’ का नया दांव
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रायबरेली की बछरावां सीमा से लेकर हरचंदपुर तक अपने विशेष ‘पीडीए रथ’ से विशाल यात्रा निकाली. बस पर नीले रंग से ‘जो पीड़ित है वो पीडीए’ और लाल रंग से ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ लिखा हुआ था. यात्रा के दौरान अखिलेश ने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि उन्हें पहले लगता था कि चुनाव ‘बीजेपी बनाम पीडीए’ है. लेकिन रायबरेली की घटना देखकर लगता है कि मुकाबला ‘लोधी बनाम योगी’ हो गया है.
विधायक राहुल लोधी-पुलिस झड़प मामला और बुलडोजर कार्रवाई पर हमला
रायबरेली में बीते दिनों एक स्थानीय कॉलेज में एबीवीपी और सपा समर्थित छात्रों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया था. इस घटना के बाद सपा के हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी की स्थानीय पुलिस व प्रशासन से तीखी नोकझोंक और झड़प हुई थी जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं. इसी घटनाक्रम के बाद अखिलेश यादव ने राहुल लोधी के घर जाकर चाय पीने और जनसभा करने का ऐलान किया.
‘नीला-लाल’ कॉम्बिनेशन, सॉफ्ट हिंदुत्व और कांग्रेस-बीजेपी को सियासी संदेश
अखिलेश यादव की इस पहली बड़ी चुनावी यात्रा में कई नए प्रयोग देखने को मिले. एक तरफ जहां उन्होंने नीले झंडे, नीले रंग के अक्षरों और दलित-पासी नेताओं को तरजीह देकर बसपा के कोर कैडर में सेंध लगाने की कोशिश की. वहीं दूसरी तरफ गले में लाल गमछा और रास्ते में हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन-पूजन करने की शैली से ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ का भी संदेश दिया.









