
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने के दो घंटे से भी कम समय के भीतर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को महंगाई भत्ते (डीए) मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत किसी भी हथकंडे से प्रभावित नहीं होगी और वह कानून के शासन और संविधान के प्रति शपथ से निर्देशित होगी।
मुख्य न्यायाधीश मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबित डीए/महंगाई राहत (डीआर) बकाये के भुगतान के लिए अदालत के निर्देशों के अनुपालन से संबंधित आवेदनों की सुनवाई के दौरान राज्य के वकील द्वारा अदालत को संबोधित करने पर आपत्ति जताते हुए यह बयान दिया था।









