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हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली हॉस्टल मालिक समेत 3 आरोपी आरोपों से बच नहीं सकते। टोल 7

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सत्य निकेतन पीजी इमारत ढहने को लेकर सोमवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को फटकार लगाई। अदालत ने अधिकारियों से कहा, “आप जिम्मेदारी से बच नहीं सकते,” क्योंकि पुलिस ने इमारत के मालिक के परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।

 

हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। एमसीडी ने अपने दक्षिण क्षेत्र से पांच अधिकारियों- उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने छात्रों के साथ हुई त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जवाबदेही भवन मालिकों तक ही खत्म नहीं हुई बल्कि एमसीडी और डीयू तक भी लागू हो गई। इसने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए छात्रावास सुविधाओं की “बहुत दयनीय” स्थिति को भी चिह्नित किया।

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