
मंगलवार की दोपहर करीब 1:00 बजे हैवानियत कांड का आरोपी हरेराम को जब सदर अस्पताल इमरजेंसी वार्ड में पुलिस की गाड़ी से उतार कर ले जाया जा रहा था, तब वह दो जवानों के सहारे के बाद भी दाहिना पांव जमीन पर रख नहीं पा रहा था।
करीब 28 घंटे बाद बुधवार को लगभग 5:00 बजे जब उसे पेशी के लिए कोर्ट ले जाया जाने लगा तब उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं थी। वह बगैर किसी मदद के सामान्य व्यक्ति की तरह सीधी चाल चाल कर अस्पताल के वार्ड से गाड़ी तक और फिर गाड़ी से उतरकर न्यायिक पदाधिकारी की अदालत में कटघरे तक पहुंचा।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर
यही तस्वीर और वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है और यह पूछा जा रहा है कि कौन सी तकनीक थी जो कल का टूटा पांव दूसरे दिन चलने फिरने के लायक हो गया।
कुछ लोग तो यह भी पूछ रहे हैं कि कहीं दूसरा हाफ एनकाउंटर भी तो ऐसा ही नहीं, जो वह भी एकाध दिन में खुद से चलकर न्यायालय पहुंच जाएगा। वैसे जानकार बता रहे हैं कि नंदन के पांव में भी हल्का जख्म है, जो 10-12 दिनों में भर जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट भी हड्डी टूटने की पुष्टि नहीं कर रहा है।
हालांकि पुलिस या फिर अस्पताल प्रबंधन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। यहां यह बताना लाजिमी है कि न्यायालय में पेशी से पहले चिकित्सक ने भी उसे पेशी के लिए फिट घोषित किया था। इसके बाद ही न्यायालय में पेशी भी हुई।









