बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले पर घमासान, बीजेपी ने घेरी टीएमसी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ठहराया दोषी

कोलकाता-पश्चिम बंगाल में 25 हजार कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द किए जाने को लेकर भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार को घेरा है। सोमवार को कोलकाता में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस ने भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्कूली शिक्षकों के हितों की रक्षा करने में विफल रहीं, जिन्होंने ईमानदारी से नौकरी पाई है। नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता का विरोध करते हुए भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा ने एक्साइड क्रॉसिंग से कालीघाट तक लगभग दो किलोमीटर दूरी तक मार्च निकालने की तैयारी की थी।
भाजयुमो के एक पदाधिकारी ने बताया कि इससे पहले पुलिस कर्मियों ने पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी और अन्य पदाधिकारियों को उस समय हिरासत में ले लिया। चटर्जी और अन्य पार्टी पदाधिकारियों ने ममता बनर्जी सरकार और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुुवेंदु अधिकारी ने पूरे मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि कई मौके मिलने के बावजूद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की मांगी गई सूची नहीं दी। राज्य सरकार के पास अभी भी एक मौका है। 15 अप्रैल तक सूची जमा कर सकते हैं। ऐसा न होने पर हम 21 अप्रैल को एक लाख लोगों के साथ नबन्ना तक मार्च करेंगे।
ममता बोलीं, हमने नहीं स्वीकारा कोर्ट का फैसला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को उन शिक्षकों से मुलाकात की, जिनकी भर्ती सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दी है। ममता बनर्जी ने कहा कि हम कोर्ट के आदेश से बंधे हुए हैं। यह फैसला उन कैंडिडेट्स के लिए अन्याय है, जो काबिल शिक्षक थे। ममता ने यह मुलाकात कोलकाता के नेताजी इनडोर स्टेडियम में की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप लोग यह मत समझिए कि हमने फैसले को स्वीकार कर लिया है। हम पत्थरदिल नहीं हैं। मुझे ऐसा कहने के लिए जेल भी डाल सकते हैं, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता है। ममता ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार नहीं करती हैं, लेकिन उनकी सरकार इसे लागू करेगी और चयन प्रक्रिया को फिर से दोहराएगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्षी बीजेपी और सीपीएम चाहते हैं कि बंगाल की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो जाए।








