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# मुख्यमंत्री द्वारा होशियारपुर में सलैरन डैम ईको-टूरिज़्म प्रोजेक्ट का उद्घाटन; कहा, ‘आप’ सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित कर युवाओं को रोजगार दे रही है

अमृतसर, पटियाला और चमरोड़ झील पर फिल्मों की शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसर बढ़े: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सलैरन डैम हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को टक्कर देगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘आप’ सरकार ने खंडहर बने 52 रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया; अब किराये से हो रही है एक करोड़ रुपये मासिक आय: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को कौड़ियों के भाव बेचीं; हमने वही संपत्तियां वापस हासिल कीं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
होशियारपुर, 25 जनवरी 2026
सलैरन डैम में पर्यावरण-अनुकूल हट्स का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि इससे राज्य में ईको-टूरिज़्म और रोजगार के अवसर सृजित करने को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पंजाब के पर्यटन स्थलों को विकसित कर रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृतसर, पटियाला और चमरोड़ झील पर फिल्मों की शूटिंग तथा डेस्टिनेशन वेडिंग से भी रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सलैरन डैम परियोजना हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों को कड़ी टक्कर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने खंडहर का रूप धारण कर चुके 52 रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब किराये के माध्यम से लगभग एक करोड़ रुपये की मासिक आय हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को कौड़ियों के भाव बेच दी थीं, जबकि उनकी सरकार ने कार्रवाई कर वही संपत्तियां वापस हासिल की हैं।
सलैरन डैम ईको-टूरिज़्म परियोजना का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज राज्य में पर्यटन अवसंरचना को और सुदृढ़ करने के लिए सलैरन डैम ईको-टूरिज़्म परियोजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले चौहाल डैम परियोजना सफलतापूर्वक चल रही है और यह नई पहल पर्यटकों के लिए एक और आकर्षक स्थल उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर लगभग 2.80 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इससे सालाना 18 लाख रुपये से अधिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए 16,000 वर्ग फुट में फैला एक विशेष खेल मैदान बनाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था है। इसके अलावा पर्यटकों के ठहरने के लिए चार ईको हट्स और 80 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया भी तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि सलैरन डैम के सुंदर दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बड़ा एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंजाब में ईको-टूरिज़्म को बड़ा प्रोत्साहन देने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना को पर्यावरणीय संवेदनशीलता और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिसमें पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कंडी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आदर्श पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
पिछली सरकारों के दौरान इन क्षेत्रों की अनदेखी पर अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर उपेक्षा के कारण ये क्षेत्र विकास के लिहाज से पिछड़े रहे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब इन क्षेत्रों की अप्रयुक्त पर्यटन संभावनाओं को उपयोग में ला रही है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के विकास के लिए ठोस प्रयास जारी हैं ताकि राज्य में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यहां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा और पंजाब को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।
पर्यटन अवसंरचना के पुनर्जीवन के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 75 छोड़े या खाली पड़े रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित किया है, जिनसे अब लगभग एक करोड़ रुपये की आय हो रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता के लाभ और प्रकृति व साहसिक गतिविधियों के प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए ऐसे और प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। लोगों की सुविधा के लिए नदियों के किनारे रेस्टोरेंट भी विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन क्षेत्रों को योजनाबद्ध और उपयुक्त ढंग से विकसित कर पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत को दर्शाती पंजाब की झांकी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेगी।
सरकार के व्यापक शासन एजेंडे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में सत्ता में आने के पहले दिन से ही उनकी सरकार जनता की भलाई के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके तहत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, शिक्षा सुधार, टेलों तक पानी, गांवों की सड़कों का निर्माण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसी पहलें शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगामी बजट में व्यवस्था कर महिलाओं को 1,000 रुपये देने के अपने वादे को भी पूरा करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार आगामी केंद्रीय बजट में पंजाब को विशेष पैकेज देगी, जिसका राज्य पूरी तरह हकदार है।
आर्थिक और कृषि पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने जापानी कंपनी जीका (JICA) के साथ साझेदारी की है, जो पंजाब में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी।
कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले गैंगस्टरों को संरक्षण देते थे, वही आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों की कमर तोड़ने के लिए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ जैसी मुहिम शुरू की है। उन्होंने कहा कि सरकार एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और रंगला पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है, जिससे नशे और हथियारों की तस्करी रोकने में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने यह तकनीक अपनाई है और सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि फंडों की हेराफेरी और गबन की संभावनाओं को समाप्त कर सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जनहित में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि केंद्र सरकार रोके गए फंड तुरंत जारी कर दे, तो पंजाब में विकास की गति और तेज होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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